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निष्ठा प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र किया गया वितरण। प्रमाण पत्र पाकर अध्यापकों के चेहरे खिले।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

चौथे चरण का प्रशिक्षण हुआ समाप्त 150 प्रतिभागियों ने लिया भाग।

खेल खेल और गतिविधि के माध्यम से पढ़ाएंगे गुरुजी।

 बच्चों का शारीरिक,  मानसिक, बौद्धिक और सर्वांगीण  होगा विकास।

सगड़ी ।अजमतगढ़ ब्लाक का पांच दिवसीय निष्ठा का चतुर्थ चरण का प्रशिक्षण मॉर्डन ऐरा हायर सेकंडरी  स्कूल जीयनपुर में शनिवार को समाप्त हुआ।
निष्ठा प्रशिक्षण खंड शिक्षा अधिकारी दीनानाथ साहनी के देखरेख में संपन्न हुआ। तीन कमरों में 50, 50 प्रतिभागियों  ने  प्रशिक्षण  प्राप्त किया ।कुल 150 शिक्षकों ने  प्रशिक्षण लिया। अजमतगढ़ ब्लॉक में कुल 867 शिक्षक  नियुक्त हैं । जिसमें चार चरणों  में 600 शिक्षकों को निष्ठा का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। शेष बचे शिक्षकों का प्रशिक्षण 13 मार्च से दो चरणों में दिया जाएगा। खंड  शिक्षा अधिकारी दीनानाथ साहनी ने बताया निष्ठा प्रशिक्षण  गतिविधि प्रोजेक्ट के माध्यम से दिया जा रहा है।इसका  मुख्य  उद्देश्य बच्चों के लर्निंग आउटकम को बेहतर बनाना। साथ ही उनका मानसिक बौद्धिक  एवं  सर्वांगीण विकास करना। अध्यापक यहां से  प्रशिक्षण के माध्यम से जो सीख कर  जाएंगे वह बच्चों के जीवन में उतारने का प्रयास करेंगे।
 प्रशिक्षक जगदंबा दुबे ने बताया आईसीटी केन्द्रित  शिक्षण प्रणाली पर विशेष जोर दिया जाए। इसके साथ ही साथ पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण शास्त्र विद्यालय प्रबंधन और विद्यार्थी केंद्रित शिक्षण शास्त्र के प्रयोग हेतु विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षक अनिल त्रिपाठी ने बताया निष्ठा प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य  विद्यालय में नेतृत्व के द्वारा बच्चों को बेहतर भविष्य निर्माण करने में मदद मिलेगी ताकि वह भविष्य में एक अच्छा इंसान बन सके।
प्रशिक्षक कुसुम पांडेय ने बताया कला समेकित शिक्षा के माध्यम से हम कक्षा का वातावरण रुचिकर बना सकते हैं जिससे हमारी कक्षा में बच्चों का ठहराव  बढ़ेगा।
प्रशिक्षक अनिल मिश्र ने बताया कि परिवेशी वस्तुओं  के द्वारा हम विज्ञान की शिक्षा आसानी से दे सकते हैं। और बच्चों का विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ा सकते हैं विज्ञान एक विषय है और इससे हमारा संपूर्ण जीवन प्रभावित होता है। यह बात सभी बच्चे समझा सकेंगे।
प्रशिक्षक कमल नयन यादव ने बताया  विद्यालय के समस्त शिक्षकों को बच्चों के समग्र विकास और अधिगम को बेहतर समप्राप्ति हेतु विभिन्न कौशलो में दक्ष बनाना। जिससे बच्चों के लर्निंग आउटकम मे वृद्धि  हो सके।वे सीखे हुए ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करने में  सक्षम  हो सके।
प्रशिक्षक डॉ हरिकेश मिश्र ने बताया  प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य है कि   बच्चों के लर्निंग आउटकम को कैसे सुधारा जाए एक बच्चा जो सीखने की कोशिश करता है उसको सीखने की आदतों को कैसे मजबूत किया जाए जिससे वह अधिगम संप्राप्ति कर सकें।
  इस मौके पर  डॉक्टर हरिकेश मिश्र,  डॉक्टर जगदंबा दूबे ,कमल नयन  यादव,  अनिल कुमार मिश्र, कुसुम पांडेय, राजेंद्र मौर्य दिनेश पांडेय, अंशु राय , पंकज कुमार सिंह ,जितेंद्र राय, ज्ञानेंद्र सिंह ,सुरेंद्र चौहान ,विजय प्रताप सिंह, संजय यादव , प्रज्ञा राय आदि लोग मौजूद थे।
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