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हाट-स्पाट के बाहर दिनांक 20 अप्रैल बाद महत्वपूर्ण प्रतिबन्धों के अधीन गतिविधियों, कार्यों के संचालन कराये जाने के निर्देश।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़ 20 अप्रैल-- जिलाधिकारी/जिला कार्यक्रम समन्वयक नागेन्द्र प्रसाद सिंह ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों/कार्यक्रम अधिकारियों को अवगत कराया है कि उ0प्र0 शासन द्वारा कोविड-19 के दृष्टिगत मनरेगा योजना के अन्तर्गत कन्टेनमेन्ट क्षेत्र व हाट-स्पाट के बाहर दिनांक 20 अप्रैल 2020 के बाद महत्वपूर्ण प्रतिबन्धों के अधीन गतिविधियों/कार्यों के संचालन कराये जाने के निर्देश प्राप्त हुये हैं। 
इस परिप्रेक्ष्य में जिलाधिकारी ने समस्त खण्ड विकास अधिकारी/कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिये हैं कि सोशल डिस्टेन्सिंग का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुये श्रमिको को कार्यस्थल पर कार्य-माप के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराते हुये कार्यस्थल पर 02 श्रमिकों के मध्य 06 फिट की सोशल डिस्टेन्सिंग का अनुपालन कराया जायेगा। कार्यस्थल पर कार्यरत श्रमिकों एवं कर्मियों द्वारा मास्क/होममेड फेस-मास्क/फेस कवर/गमछा का अनिवार्य रूप से प्रयोग करते हुये नाक व मुंह को ढक कर रखा जायेगा। कार्यस्थल पर हाथ धोने हेतु पानी एवं साबुन की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुये क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा श्रमिकों को जागरूक किया जायेगा। कार्यस्थल पर पान, शराब, धूम्रपान एवं तम्बाकू आदि का सेवन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगा। कार्यस्थल पर ऐसे श्रमिकांे का नियोजन न किया जाय, यदि उनमें सामान्य रूप से बुखार, खांसी, जुकाम आदि के लक्षण हों एवं 65 वर्ष की उम्र से अधिक श्रमिको तथा 05 वर्ष से कम बच्चे को स्तनपान कराने वाली माताओं को नियोजित न किया जाय। प्रत्येक कार्यस्थल पर सुरक्षा मानको हेतु कार्यस्थलों की वीडिओ क्लिप अनिवार्य रूप से बनाई एवं सुरक्षित की जाय। योजनान्तर्गत महिला प्रधान परिवार, दिव्यांग अनु०सू0जा0/जनजाति, मुसहर, बनटांगिया, सहरिया, कोल एवं थारू परिवारों को प्रति परिवार 100 दिवसों का रोजगार दिये जाने की सुस्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाय। ऐसे कार्यों का ही चयन किया जाय, जिसमें सोशल डिस्टेन्सिंग का अनुपालन सुनिश्चित हो सके। गत वर्ष के अधूरे कार्यों पर प्राथमिकता के आधार पर श्रमिकों को लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। कोविड-19 के दृष्टिगत बहुत से लोग शहरों से गांव वापस आये है तथा शहर से यदि परिवार भी लौटा है और मनरेगा योजनान्तर्गत कार्य करना चाहता है, को तत्काल जाबकार्ड निर्गत कराये जाय और यदि कोई व्यक्ति लौटा है और उसका नाम परिवार के जाबकार्ड में नहीं है तो उसका नाम जाबकार्ड में जोड़े जाने का तत्काल कार्यवाही की जाय। उक्त के अतिरिक्त जिन परिवारों को पूर्व में जाबकार्ड निर्गत किया गया था, किन्तु कतिपय कारणोंवश वर्तमान में उनके पास जाबकार्ड उपलब्ध नहीं है अथवा नष्ट हो गया है, ऐसे परिवारों को जाबकार्ड की द्वितीय प्रति उपलब्ध कराई जाय। ग्राम पंचायत में जाबकार्ड निर्गत करते समय समाज के वंचित परिवारों यथा मुसहर, वनटांगिया, थारू, विधवा महिलाओं एवं दिव्यांग मुखिया परिवारों को प्राथमिकता प्रदान करते हुये जाबकार्ड उपलब्ध कराकर रोजगार प्रदान किया जाय। योजनान्तर्गत इच्छुक परिवारों को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराये जाने हेतु आवश्यकता के अनुरूप जाबकार्ड की व्यवस्था भी ग्राम पंचायत स्तर पर तत्काल सुनिश्चित करा ली जाय। 
उपरोक्तानुसार निहित प्रतिबन्धो व निर्देशों के अधीन कोविड-19 के दृष्टिगत योजनान्तर्गत कार्यों के चिन्हीकरण की प्रकिया में प्राथमिकता के आधार पर वर्षा जल संरक्षण हेतु भू-जल संचयन स्ट्रक्चरों का निर्माण, तालाबों की सील्ट सफाई, सिर्चाइं गुलों, नहरों की सफाई, वृक्षारोपण हेतु अग्रिम मृदाकार्य, चारागाह विकास, नदियों का पुनरोद्धार, व्यक्तिगत व सामुदायिक भूमि सुधार, जलभराव से सम्बन्धित क्षेत्रों में नालों का निर्माण/ पुनरोद्धार आदि प्रकृति के कार्य चिन्हीत किये जाय। उक्त के अतिरिक्त विभागीय कन्वर्जेन्श के अन्तर्गत सिंचाई एवं जल संरक्षण से सम्बन्धित अन्य विभागों यथा लघु सिचाईं/भू-गर्भ जल विभाग/वन विभाग के कार्यों को प्राथमिकता दी जाय, जिससे अधिक से अधिक स्थाई परिसम्पत्तियों का सृजन करते हुये रोजगार की उपलब्धता हो सके। स्थानीय आवश्यकता के अनुसार अन्य अनुमन्य कार्य यथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, शौचालय आदि प्रकृति के भी निर्माण कार्य लिये जाय। 
जिलाधिकारी ने कहा कि तद्नुसार कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव सुनिश्चित करने तथा इच्छुक परिवारों को मनरेगा योजनान्तर्गत उपरोक्त वर्णित निर्देशों के अधीन समुचित रोजगार उपलब्धता कराये जाने की प्रकिया में ग्राम पंचायत, विकास खण्ड एवं जनपद स्तर पर कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों को संवेदनशीलतापूर्वक कार्य निष्पादन कराये जाने के निमित्त जनपद में कोविड-19 के दृष्टिगत विकास खण्ड सठियांव की ग्राम पंचायत चकसिकठी (हाट-स्पाट) एवं बफर जोन के अन्तर्गत 24 चिन्हित ग्राम पंचायत यथा गजहड़ा, सरांय मुबारकपुर, मुस्तफाबाद, दाउदपुर कुर्मी, बसौधा भितरी, चिउटहीं, सलारपुर, सोनपार, बिन्दमठियां, नैठी, सिकन्दरपुर, चकसिकठी, उदयभानपुर, सिकठी शाहमुहम्मदपुर, रसूलपुर व्योहरा, कोडिया, बरडीहा, अतरडीहा, नूरपुर सरायहाजी, आदमपुर, देवली खालसा, प्यारेपुर, चकिया एवं अमुड़ी को छोड़कर प्रत्येक ग्राम पंचायत में दिनांक 21 अप्रैल 2020 से उक्त प्रकृति के कार्य अनिवार्य रूप से प्रारम्भ कराये जायेगें। 
जनपद के विकास खण्डों में कलस्टर में तैनात सचिव ग्राम पंचायत अपने कलस्टर के अन्तर्गत सम्मिलित ग्राम पंचायतों के प्रभारी होगें, जिनके द्वारा ऊपर वर्णित प्रकृति के कार्यो का चिन्हांकन कर आगणन तैयार करने हेतु ग्राम पंचायत में तैनात तकनीकी सहायक को उपलब्ध कराया जायेगा तथा सम्बन्धित तकनीकी सहायक द्वारा चिन्हित कार्य का तत्काल आगणन तैयार कर अग्रेत्तर कार्यवाही हेतु सम्बन्धित को उपलब्ध कराया जायेगा। ग्राम पंचायत स्तर पर सचिव ग्राम पंचायत, ग्राम रोजगार सेवक एवं तकनीकी सहायक योजनान्तर्गत चिन्हित कार्य को प्रारम्भ कराने, रोजगार की मांग करने वालों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा मस्टररोल की समयान्तर्गत फीडिंग कराते हुये मजदूरी का साप्ताहिक भुगतान कराने हेतु सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगें। खण्ड स्तर पर कार्यरत अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी सतत् अनुश्रवण कर योजनान्तर्गत चिन्हित कार्यों की वर्क आई-डी जनरेशन, मस्टररोल निर्गमन, एम0बी0, वेज लिस्ट एवं समय से मजदूरी का साप्ताहिक भुगतान कराये जाने हेतु पूर्णतया उत्तरदायी हांेगे। 
जिलाधिकारी ने कहा है कि खण्ड स्तर पर कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा के रूप में समस्त खण्ड विकास अधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि ऊपर वर्णित विकास खण्ड सठियांव के अन्तर्गत हाट-स्पाट एवं बफर जोन से सम्बन्धित ग्राम पंचायतों को छोड़कर जनपद की समस्त ग्राम पंचायतों में कार्यों का चिन्हिकरण कराकर कार्य प्रारम्भ कराते हुये ग्राम पंचायत में बाहर से आये हुये श्रमिकों/परिवारों, मुसहर, धरिकार, अनु0सू0जा0/जनजाति के इच्छुक व्यक्तियों को उनके ग्राम में ही रोजगार की उपलब्धता कराई जा रही है। इस प्रकिया में विकास खण्ड स्तर से यह भी देखा जायेगा कि ग्राम पंचायत के अन्तर्गत ऐसे श्रमिक/परिवार जो बाहर से आये हैं और कार्य करने के इच्छुक हैं, के पास जाबकार्ड की उपलब्धता नही है, परिवार के जाबकार्ड में उनका नाम सम्मिलित नही है अथवा पूर्व से निर्गत जाबकार्ड खो/नष्ट हो गया है, को नवीन जाबकार्ड की उपलब्धता/जाबकार्ड की द्वितीय प्रति/परिवार में उनके नाम सम्मिलितीकरण की कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित हो जाय। 
मनरेगा योजना के सम्पादित कराये जाने वाले कार्यस्थल की जाती आशा/स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता/समूह की दीदियों को अनिवार्य रूप से दी जाय। योजनान्तर्गत कार्य करने वाले श्रमिको के मध्य सोशल डिस्टेन्सिंग, सुरक्षा मानकों के अनुसार सतर्क दृष्टि रखते हुये प्रत्येक कार्यस्थल पर कोरोना वायरस के समुचित बचाव की कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी तथा कार्य के दौरान यदि कोई कार्यस्थल नवीन कन्टेनमेन्ट जोन/हाट-स्पाट घोषित क्षेत्र के अन्तर्गत आच्छादित होता है, तो वहां पर मनरेगा योजना के अन्तर्गत प्रगति पर चल रहे कार्य को तत्काल निलम्बित किये जाने की कार्यवाही की जायेगी। 
जिलाधिकारी ने बताया कि परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त श्रम रोजगार/स्वतः रोजगार तथा जिला पंचायत राज अधिकारी जिन्हें मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़ के स्तर से विकास खण्डों का नोडल अधिकारी नामित किया गया है, द्वारा अपने आवंटित विकास खण्डों में भ्रमणशील रहकर योजनान्तर्गत प्रारम्भ कराये गये कार्यो/कार्यों की जीओटैगिंग का नियमित अनुश्रवण/स्थलीय सत्यापन कर कार्यस्थल पर कोविड-19 के दृष्टिगत कार्य पर लगाये गये श्रमिकों/परिवारों की सुरक्षा मानकों यथा सोशल डिस्टेन्सिंग मास्क/होममेड फेस-मास्क/फेस कवर/गमछा, हाथ धोने हेतु पानी एवं साबुन की व्यवस्था एवं पान, शराब, धूम्रपान, तम्बाकू आदि का सेवन पूर्णतः प्रतिबन्धित आदि की कार्यवाही पर सतर्क निगरानी रखी जायेगी। 
उक्त अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन किये गये निरीक्षण से सम्बन्धित सूचना प्रत्येक कार्यदिवस सायंकाल तक मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जायेगी तथा मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़ द्वारा भी रेण्डमलीय जनपद के किसी भी विकास खण्ड की ग्राम पंचायत में चल रहे कार्यों का भी नियमित निरीक्षण किया जायेगा। 
जिलाधिकारी ने समस्त खण्ड विकास अधिकारी/कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है कि उपरोक्त वर्णित निर्देशों/बिन्दुओं का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।

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