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हाई पावर्ड कमेटी के निर्देशों का किशोर न्याय परिषदों द्वारा पूर्ण अनुपालन किया जायेगा।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: मनोज चतुर्वेदी

आजमगढ़ 08 अप्रैल-- जनपद एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार शर्मा ने बताया है कि हाई पावर्ड कमेटी द्वारा इस आशय का दिशा-निर्देश दिया गया है कि किशोर न्याय परिषदें उन मामलों में अन्तरिम जमानत प्रार्थना-पत्रों का निस्तारण करने हेतु प्रतिदिन सम्प्रेक्षण गृह जायेंगी, जो उक्त हाई पावर्ड कमेटी द्वारा बैठक में तय किये गये मानकों के अनुरूप है। 
उन्होने बताया है कि संप्रेक्षण गृह मात्र कुछ जनपदों में हैं तथा जनपदों के क्लस्टर से सम्बन्ध रखने वाले किशोरों को उनमें रखा जाता है। कई संप्रेक्षण गृह जनपद से दूर हैं और किशोर न्याय परिषदों के लिए यह सम्भव नहीं है कि अन्तरिम जमानत प्रार्थना-पत्रों के निस्तारण हेतु उनमें प्रतिदिन जाये। इन तथ्यों पर विचार करते हुए महिला एवं बाल कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा जनपदानुसार तैयार की गयी सूची में किशोरों के विवरण अंकित हैं। किशोर न्याय परिषदों द्वारा मात्र उन मामलों में अन्तरिम जमानत प्रार्थना-पत्रों का निस्तारण किया जायेगा, जो कि हाई पावर्ड कमेटी द्वारा निर्धारित किये गये उस मानक के अनुरूप हैं। अब स्थिति यह होगी कि उन जनपदों, जिनमें सम्प्रेक्षण गृह स्थित नहीं हैं, के किशोर न्याय परिषदों द्वारा दिनांक 08 अप्रैल 2020 को या इससे पूर्व कोई तिथि निर्धारित करते हुए संबंधित जनपदों में अन्तरिम जमानत प्रार्थना पत्रों के निस्तारण हेतु जाना होगा। उसके पश्चात् यदि प्रार्थना-पत्र प्राप्त होते हैं तो उस सम्प्रेक्षण गृह का प्रभारी/अधीक्षक संबंधित किशोर न्याय परिषद को उसकी सूचना देते हुए ऐसे प्रार्थना-पत्रों के निस्तारण हेतु अन्य तिथि नियत किये जाने का अनरोध करेगा, लेकिन जिन जनपदों में संप्रेक्षण गृह स्थित हैं उनमें हाई पावर्ड कमेटी के निर्देशों का किशोर न्याय परिषदों द्वारा पूर्ण अनुपालन किया जायेगा। अन्य जनपदों में स्थापित संप्रेक्षण गृहों में जाने हेतु जिला प्रशासन से पास निर्गत किये जाने का अनुरोध किया जा सकता है। 
उन्होने यह भी बताया कि जनपद आजमगढ़ में बालकों के देख-रेख एवं पोषण/विधि विवादित किशोरों से सम्बन्धित कोई भी संस्थान संचालित/क्रियाशील नहीं है। इस जनपद आजमगढ़ के विधि विवादित किशोर जनपद राजकीय संप्रेक्षण गृह, मऊ में प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय परिषद आजमगढ़ के आदेश से आवासित कराये जाते हैं। 
अतः हाई पावर्ड कमेटी द्वारा दिये गये उक्त दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु किशोर न्याय परिषद आजमगढ़ के प्रधान मजिस्ट्रेट मनीष कुमार-द्वितीय, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायालय संख्या 13 आजमगढ़ एवं इसी परिषद के दो अन्य सदस्यगण कमशः राजमणि यादव व श्रीमती सुशीला राय राजकीय संप्रेक्षण गृह मऊ जाने हेतु अब से लेकर दिनांक 08 अप्रैल 2020 तक की कोई तिथि नियत करके उस संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक को अविलम्ब सूचित करें तथा उस तिथि पर उस संप्रेक्षण गृह में पहुँच कर हाई पावर्ड कमेटी द्वारा निर्धारित किये गये मानकों में जो मामले आते हैं उनमें प्रस्तुत किये गये अन्तरिम जमानत प्रार्थना-पत्रों का निस्तारण करते हुए अग्रेतर कार्यवाही करें। 

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