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निजी चिकित्सक आइसोलेशन वार्डाें में अपनी सेवायें प्रदान करना सुनिश्चित करें।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़ 05 अप्रैल--  जिला मजिस्ट्रेट नागेन्द्र प्रसाद सिंह ने बताया है कि कोरोना वायरस से फैल रही महामारी कोविड-19 को आपदा घोषित किया गया है, जिसके दृष्टिगत जनपद में कोरोना के संक्रमण से बचाव हेतु समस्त गतिविधियाॅ 14 अप्रैल 2020 तक लाकडाउन घोषित की गयी है।
तत्क्रम में जनपद में कोरोना वायरस के संक्रमण के दृष्टिगत चॅूकि सरकारी चिकित्सालयों में मनोचिकित्सकों की कमी है तथा वर्तमान परिस्थितियों में मानव जीवन की सुरक्षा हेतु मनोचिकित्सकों की सेवाओं की अपरिहार्यता है। 
जिलाधिकारी ने भारत सरकार के आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 सपठित उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा-65 की उपधारा 1 व 2 तथा महामारी अधिनियम-1897 की धारा-2 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जनपद के विभिन्न निजी चिकित्सालयों में कार्यरत मनोचिकित्सक डाॅ0 बिन्द प्रकाश सिंह आजमगढ़ व डाॅ0 नितिश यादव एवं निश्चेतक (एनिस्थेटिस्ट) डाॅ0 आदित्य त्रिपाठी वेदांता अस्पताल लछिरामपुर, डाॅ0 कोमल जोशी शिवा नर्सिंग होम बलरामपुर, डाॅ0 ओपी श्रीवास्तव यादव नर्सिंग होम बलरामपुर, डाॅ0 नन्दलाल यादव रमा ट्रामा सेन्टर नरौली, डाॅ0 गायत्री कुमार, डाॅ0 शंकर कुमार, डाॅ0 आशीष सिंह व डाॅ0 सिद्धान्त लाइफ लाइन अस्पताल तथा फिजीशियन/विशेषज्ञ चिकित्सकों में डाॅ0 आरआर यादव, यादव नर्सिंग होम बलरामपुर, डाॅ0 विनय चैहान विनायक नर्सिंग होम बलरामपुर, डाॅ0 पंकज राय लोटस अस्पताल, डाॅ0 पंकज जायसवाल सरोज अस्पताल सिधारी, डाॅ0 सुधीर सिंह कृष्णा अस्पताल, करतालपुर, डाॅ0 पुष्कर सिंह (न्यूरोलाजिस्ट), डाॅ0 शिशिर जायसवाल (न्यूरोलाजिस्ट) की सेवायें अग्रिम आदेश तक अधिग्रहित किया है। 
इसी के साथ ही जिलाधिकारी ने अपेक्षा किया है कि आदिष्ट मनोचिकित्सक, निश्चेतक एवं फिजीशियन/विशेषज्ञ चिकित्सक, मुख्य चिकित्साधिकारी से समन्वय कर कोविड-19 हेतु निर्धारित चिकित्सीय प्रोटोकाल के तहत समुचित प्रशिक्षण प्राप्त कर निर्दिष्ट कोविड-19 आइसोलेशन वार्डाें में अपनी सेवायें प्रदान करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी से अपेक्षा किया है कि उक्त मनोचिकित्सकों को समुचित प्रशिक्षण प्रदान करते हुए इनकी सेवाओं को यथावश्यक उपयोग करें तथा इस गम्भीर आपदा की स्थिति में जन कल्याण एवं लोकहित में उन्हंे निःशुल्क सेवा प्रदान करने हेतु प्रेरित करें। किन्तु यदि उनके द्वारा अपनी सेवाओं हेतु मानदेय अपेक्षित हो तो उसका कार्यावधि के आधार पर युक्तियुक्त निर्धारण कर अवगत करायें। 

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