आजमगढ़।
मनोज चतुर्वेदी।
आजमगढ़ गुरुवार 7 मई 2020 वैशाख मास की पूर्णिमा को जन्मे भगवान बुद्ध पूर्णिमा पर्व और अरविन्द चित्रांश के जन्मदिवस पर गांव मोहल्ले में केमिकल युक्त छिड़काव और तमसा नदी मोहटी घाट पर पौधारोपण करना,भगवान बुध के पवित्र विचार से प्रेरणा,त्याग,तपस्या और खुद को न्योछावर करना मानवता की सच्ची सेवा है,जिससे मानव और प्रकृति संरक्षण संभव है। दो वर्षों से चल रहे तमसा महाअभियान के प्रमुख सामाजिक/सांस्कृतिककर्मी अरविंद चित्रांश ने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा और अपने जन्मदिन के अवसर पर स्वच्छता के रणबांकुरे सी.पी.यादव और गुलाब चौरसिया के साथ केमिकल युक्त सैनिटाइजेशन और प्रकृति संरक्षण हेतु पौधारोपण करके कोरोना महामारी से हताशा और निराशा के दौर में सामाजिक दूरियां और लॉकडाउन का पालन करते हुए, शासन प्रशासन और सामाजिक संगठनों के विशेष प्रयास से आजमगढ़ कोरोना मुक्त की तरफ अग्रसर है,बुद्ध नाम नहीं एक पवित्र विचार है,बुद्ध पूर्णिमा को महात्मा गौतम बुद्ध के जन्म दिवस, ज्ञान प्राप्ति और मृत्यु दिवस तीनों के रूप में मनाया जाता है। इतिहास से पता लगता है,जिस दिन महात्मा बुद्ध को बोधिगया में पीपल के पेड़ के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी,उस दिन बैसाख मास की पूर्णिमा थी।चूंकि महात्मा बुध को भगवान विष्णु का 10 वां अवतार भी माना जाता है,इसलिए और यह पवित्र पर्व महत्वपूर्ण है।