आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़ 31 जुलाई-- जिलाधिकारी राजेश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना की जिला स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न हुई।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना का उद्देश्य सूक्ष्य उद्यमियों की क्षमता में वृद्धि किया जाना है, जिसके लिए जीएसटी एसएसआई स्वच्छता मानकों एवं उद्यम आधार के लिए पंजीकरण के साथ-साथ उन्नयन एवं मानकीकरण के लिए पंूजीगत निवेश हेतु सहायता देना, कुशल प्रशिक्षण, खाद्य संरक्षण मानकों एवं स्वच्छता के सम्बन्ध में जानकारी देना एवं गुणवत्ता सुधार के माध्यम से क्षमता निर्माण किया जाना, बैंक ऋण प्राप्त करने एवं उन्नयन करने हेतु डीपीआर तैयार करने के लिए हैण्ड होल्डिंग सहायता प्रदान करना एवं पूंजी निवेश, सामान्य अवसंरचना तथा बांण्डिंग एवं विपणन सहायता के लिए कृषक उत्पादन संगठनो (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), उत्पादक सहकारिताओं तथा सहकारी समितियों को सहायता प्रदान करना।
इसी के साथ ही जिलाधिकारी ने बताया कि योजना अन्तर्गत पूर्व से स्थापित वह इकाईयाॅ पात्र होंगी, जिनमे 10 से कम कार्मिक कार्यरत हैं, इकाई का स्वमित्व आवेदक है तथा उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक है, वह न्यूनतम कक्षा 8 उत्तीर्ण हो, एक परिवार का केवल एक व्यक्ति वित्तीय सहायता प्राप्त करने हेतु पात्र होगा, परिवार से आशय स्वयं, पति/पत्नि और बच्चों से है। योजना में एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों एवं कोआपरेटिव को 35 प्रतिशत क्रेडिंग लिंक्ड अनुदान सहित सम्पूर्ण मूल्य से श्रृंखला समेत पूंजी निवेश हेतु सहायता प्रदान की जायेगी।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि ब्राण्डिंग एवं मार्केटिंग की सहायता के लिए सामान्य पैकेजिंग एवं ब्राण्डिंग विकसित करने तथा उपभोक्ता फुटकर बिक्री के लिए, खाद्य संरचना पैरामीटरों का अनुपालन करने के लिए ओडीओपी दृष्टिकोण अपनाते हुए योजना के अन्तर्गत एफपीओ/एसएचजी कोआपरेटिव अथवा सूक्ष्य खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को ब्राण्डिंग एवं मार्केटिंग सहायता दी जायेगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि उक्त योजना हेतु आवेदन प्रक्रिया में भारत सरकार एक एमआईएस तैयार करेगी, इसकी समस्त प्रक्रिया आनलाइन होगी। सहायता प्राप्त करने के इच्छुक मौजूदा खाद्य प्रसंस्करण यूनिटें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना पोर्टल पर आवेदन करेगी। क्षेत्र स्तरीय सहायता के लिए नियोजित जिला रिसोर्स पर्सन डीपीआर तैयार कराने, बैंक ऋण प्राप्त करने, आवश्यक पंजीकरण तथा एफएसएसएआई के खाद्य मानकों, उद्यम आधार एवं जीएसटी प्राप्त करने के लिए हैण्ड होल्डिंग सहायता उपलब्ध करायेंगे।
जिलाधिकारी ने उप निदेशक उद्यान को निर्देश दिये कि उक्त योजना को जल्द से जल्द संचालित करायें एवं जो भी आवेदन प्राप्त होंगे, उसमें प्रथम आवक, प्रथम पावक के आधार पर चयन की कार्यवाही करें। इसी के साथ ही आवेदकों को उक्त योजना के अन्तर्गत लाभान्वित करें।
इस अवसर पर उप निदेशक उद्यान आजमगढ़ मण्डल आजमगढ़ मनोहर सिंह, जीएम डीआईसी प्रवीण कुमार मौर्य, जिला कृषि अधिकारी डाॅ0 उमेश कुमार गुप्ता, डीडीएन नाबार्ड शशि भूषण सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
