बदायूँ।
बदायूं: जिले में डिलीवरी को आई प्रसूता को पहले पीएसी से भगाया गया फिर जिला महिला अस्पताल में भर्ती न करके जांच के नाम पर उलझाकर जिला पुरुष अस्पताल को भेज दिया। जिसके बाद महिला की सड़क पर मौत हो गई। परिजनों ने शव चौराहे पर रखकर विरोध किया। मामला जिला महिला अस्पताल का है। हजरत को थाना क्षेत्र के गांव उलहेता नगला निवासी गीता देवी 40 वर्ष पत्नी वेद प्रकाश की सुबह हालत बिगड़ी प्रसव पीड़ा होने पर परिजन आशा सुधा इसे लेकर हजरत पुर पीएचसी पहुंचे। यहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे और स्टाफ ने डिलीवरी करने से मना कर दिया। जिस पर परिजनों ने महिला को एंबुलेंस से लेकर जिला महिला अस्पताल गए। वहां प्रसूता की हालत देखकर स्टाफ ने डिलीवरी से मना किया और कहा पहले जांच करा कर लाओ, उसके बाद डिलीवरी की जाएगी।
जांच के नाम पर महिला को जिला अस्पताल भेज दिया। वहीं अस्पताल ले जाते समय अंबेडकर पार्क के पास रहे पर महिला की हालत ज्यादा बिगड़ गई और मौत हो गई। जमीन पर भी चौराहे पर पड़ी महिला की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। आधे घंटे तक चला हंगामा इसके बाद सूचना पर सिविल लाइंस थाना प्रभारी सहित फोर्स के साथ पहुंचे और आनन-फानन में महिला को प्राइवेट एंबुलेंस से जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
यहां डॉक्टर नहीं मिले पुलिस ने अधिकारियों से बात की तब कहीं एक महिला डॉक्टर आई। उन्होंने भी डिलीवरी नहीं की और महिला को मृत बता दिया।महिला की मौत में स्वास्थ्य विभाग की पल्ला झाड़ लिया।
रिपोर्ट: यीशूदास