आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़ । जीयनपुर नगर के वरिष्ठ समाजसेवी स्व सैयद रिजवान मेहदी की पहली बरसी आज उनके आवास पर सादगी से मनाई गई । देखते ही देखते एक साल गुजर गए जीयनपुर के वरिष्ठ समाजसेवी, गरीबों के मसीहा कहे जाने वाले सैयद रिजवान मेहदी को इस दुनियां से गए हुए। आज ही के दिन 8 दिसंबर 2019 को हृदय गति रूकने से उनका देहांत हो गया था ।
छोटे भाई समाजसेवी नेहाल मेहदी अपने भाई रिजवान मेहदी के निधन के बाद से ही खानदान की परंपरा एवं राजनीतिक विरासत को सँभालने के लिए समाजसेवा में लगे हुए हैं मिडीया से बात करते हुए नेहल मेहदी नें कहा कि- मैं उस समय मसकत ओमान में था उनके निधन की खबर मिलते ही दिल धक्क से हो गया था। सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि अचानक ऐसा भी हो सकता है, मगर नियति तो अपना खेल खेल चुकी थी। यह एक क्रूर सच्चाई थी, जिसे न चाहते हुए भी हम सबको स्वीकार करना पड़ा। उनके निधन ने हमारे परिवार एवं सम्पूर्ण जीयनपुर को ऐसी अपूरणीय क्षति पहुंचाई है जिसकी पूर्ति शायद कभी संभव भी नहीं है। आज उनकी पहली पुण्यतिथि है, आज मेहदी परिवार को उनकी याद कुछ ज्यादा ही सता रही है। खैर, काल पर किसका वश रहा है, जो हमारा चलता। नम आंखो से अपने भाई को याद करते हुए उन्होनें कहा कि- समाज में और नगर में मैं उनकी कमी महसूस होने नहीं दूंगा और हमारा परिवार हमेशा की तरह गरीब मजदूर बेसहारा और असहाय लोगों के साथ खड़ा रहेगा हमेशा उनकी आवाज बनकर हम लोग नगरवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगें प्रथम पुण्यतिथि पर हरदिलअजीज रिजवान भाई को अल्लाह जन्नत में उंचा दर्जा प्रदान करे ।
कौन थे स्व सैयद रिजवान मेहदी?
सगड़ी विधानसभा के नगर पंचायत जीयनपुर में ज़मीदार परिवार में जन्में रिजवान मेहदी जीयनपुर के पूर्व प्रधान रहे स्व मुनीर हसन प्रधान के छोटे भाई मौलाना सैयद इम्तेयाज हुसैन के बड़े बेटे थे ।
अपने जोशीले अंदाज व खुले विचारों से हमेशा नगर वासियों के हित की लड़ाई लड़ते हुए सबसे आगे रहते थे । उन्होंने 90 के दशक में बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता पूर्व सगड़ी विधायक एवं पूर्व विधान सभा अध्यक्ष उत्तर प्रदेश स्व बरखु राम बर्मा के नेतृत्व में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी और तन मन धन से बसपा में रहते हुए जनसेवा मे लग गए । स्व रिजवान मेहदी अपने निडर स्वभाव के कारण नगरवासियों के हित के लिए हमेशा सबसे आगे रहने का काम करते थे ।बसपा से राजनीति करते हुए भी उस से अलग हटकर उनकी हर दल के लोगों से गहरी सामाजिक पैठ थी। उनकी ज़िंदादिली स्वभाव से जो उनसे एक बार भी मिला उनका मुरीद हो जाया करता था ।बड़े नेताओ से अच्छी पकड़ के बावजूद भी उन्होनें हमेशा जमीनी राजनीति किया और लोगों से जूड़े रहे और क्षेत्र में हमेशा अमन और शांति के लिए हर समूदाय के लोगों को साथ लेकर चलने में माहीर थे । हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल कायम करने में अच्छा योगदान रहता था यही कारण था की उनके निधन की खबर पर उनके पैतृक आवास जीयनपुर में उनके शुभेच्छुओं की लाइन सी लग गयी थी, दलीय और जातीय सीमाओं को तोड़कर अपने चहेते दोस्त, नेता, समाजसेवी के आखरी दीदार के लिए क्षेत्र के बड़े छोटे नेताओं के साथ साथ आम लोगों का तांता लगा हुआ था ।
स्व रिजवान मेहदी के छोटे भाई सैयद जीशान मेहदी भी राजनीति में कदम रखते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव के पद पर रहकर लोगों की सेवा करते नजर आते हैं उन्होने आज मिडीया से बात करते हुए कहा कि- हम लोग रिजवान भाई की कमी का एहसास नहीं होने देंगे और हमेशा नगर के प्रत्येक लोगों के साथ खड़े रहेंगे, नगर के किसी भी व्यक्ति के साथ कहीं भी नाइंसाफी होगी तो हम उनकी आवाज बनकर उनके साथ रहेंगे । पहली बरसी के मौके पर उन्होंनें कहा कि- कोरोना काल को देखते हुए हम लोगों ने सादगी से परिवार वालों के साथ ही बरसी के क्रियाकलाप को कर लिया ।