आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
3 दिन के अंदर जांच कर कार्यवाही का आश्वासन।
आज़मगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना है कि- हर मिट्टी के मकान में रहने वाले गरीब असहाय परिवारों को पक्का मकान मिल जाए। इस लिए पीएम आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत हर गरीब परिवारों को चयनीत कर आवास बनवाने के लिए रुपये दिए जा रहे हैं।
योजनाओं को अमली जामा पहनाने की जिम्मेदारी सरकारी कर्मचारियों को दी गई है। लेकिन आज ग्रामीणों ने इन सरकारी कर्मचारियों द्वारा सुविधा शुल्क लेने और धांधली का आरोप लगाते हुए इनकी कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है।
पूरा मामला आज़मगढ़ जिले के विकास खंड अजमतगढ़ का हैं।
मंगलवार को अजमतगढ़ ब्लॉक के छपरा सुलतानपुर गांव के ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुष ट्रैक्टर ट्राली पर सवार होकर जीयनपुर पहुंचे, जीयनपुर कोयला ढाबे के पास से हाथों में बैनर लेकर आवास धांधली नहीं चलेगी नहीं चलेगी, गरीबों की मांग पूरी हो, बीडीओ भ्रष्टाचारी है, आवास की जांच हो नारेबाजी करते हुए सगड़ी तहसील मुख्यालय पर पहुँचे, और जमकर प्रदर्शन किया। संपूर्ण समाधान दिवस पर उप जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नायाब तहसीलदार विनय प्रभाकर को सौंपा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि- बीडीओ व सेक्रेटरी के भ्रष्टाचार के कारण ग्राम सभा की 45 सौ आबादी में मात्र 38 आवास मंजूर किए गए हैं। वही आवास अपात्रों को दिए गए हैं। जिनके पास पक्का मकान गाड़ी व नौकरी है, व जिनके आवास बन चुके हैं उनको ही आवास मिला हुआ है । वही छपरा सुलतानपुर में गरीब व पात्र व्यक्ति बचे हुए हैं। जिनको अब तक आवास नहीं मिला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा में ग़रीब व्यक्तियों का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया, जिसमें सेक्रटरी व खंड विकास अधिकारी ने राजनीतिक दबाव व धन उगाही कर बिना सत्यापन के सूची जारी कर दी।
नायब तहसीलदार विनय प्रभाकर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया की सत्यापन कराकर पात्र व्यक्तियों को आवास दिया जाएगा। जिसके उपरांत ग्रामीण मान गए और वापस लौटने लगे। लेकिन ग्रामीणों में इस बात का असंतोष था की सत्यापन कराने का आश्वासन तो मिल गया पर कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई। वापस लौटते समय किसी ने सूचना दी की खंड विकास अधिकारी अपने कार्यालय में बैठे हैं, उसके बाद ग्रामीण अजमतगढ़ विकासखंड में पहुंचकर खंड विकास अधिकारी का घेराव कर जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन करने लगे।
इस दौरान खंड विकास अधिकारी इरशाद अहमद ने काफी समझाने बुझाने का प्रयास किया लेकिन गांव की जनता कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी।
खंड विकास अधिकारी इरशाद अहमद ने ग्रामीणों को समझाते हुए यह आश्वासन दिया कि- 3 दिन के अंदर गांव में पहुंच कर जांच की जाएगी, ग्राम सभा में जो 38 लिस्ट जारी की गई है। उसका आवंटन अभी नहीं किया जाएगा। जांच के बाद ही पात्र व्यक्तियों का चयन कर उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना था कि- 3 दिन के अंदर यदि जांच कर कार्यवाही नहीं की गई तो हम लोग जिलाधिकारी से मिलकर इस मामले को अवगत कराएंगे, और कार्यवाही की मांग करेंगे।
वही प्रदर्शन कर रहे लोगों में ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि- आज हम लोगों ने ज्ञापन देकर गांव में जांच कर कार्यवाही की मांग की है। पात्रों को चयनित कर उन्हें आवास का लाभ दिया जाए।
प्रदर्शन के दौरान ओम प्रकाश सिंह, शंभू नाथ, संजय, दुलारे, राम बदन, अनिल , कमली ,निर्मला ,सुधा, बबलु, सुशील सिंह, कुमारी, जमुनी, राधा सुनील, शुगीया आदि लोग मौजूद रहे।





