आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़ 12 जनवरी-- मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना, क्रियान्वयन, संचालन एवं प्रबंधन हेतु जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई।
इस अवसर पर गो संरक्षण केन्द्रों पर संरक्षित गोवंश की देखभाल करने के लिए गोवंश सेवक श्रमिकों को रखे जाने, गोवंश आश्रय स्थलों पर उपलब्ध गोबर/खाद की बिक्री, वृहद गो संरक्षण केन्द्रों की स्थापना हेतु भूमि की स्थापना, निर्माणाधीन वृहद गो संरक्षण केन्द्र मियापुर, बांसदेवा विकास खण्ड पल्हना एवं 02 कान्हा गोशाला का निर्माण अतिशीघ्र पूर्ण कराने आदि बिन्दुओं पर विस्तार से समीक्षा की गयी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि गोवंश आश्रय स्थलों पर संरक्षित गोवंश की देखभाल करने के लिए गोवंश सेवक श्रमिकों को रखने हेतु 03 सदस्यी कमेटी बनाना सुनिश्चित करें एवं प्रस्ताव बनाकर शासन को अनुमोदन हेतु भेजना सुनिश्चित करंे। इसी के साथ ही गोवंश आश्रय स्थलों पर उपलब्ध गोबर/खाद की बिक्री के सम्बन्ध में सीवीओ को निर्देश दिये कि इसके लिए निलामी कमेटी बनाना सुनिश्चित करें।
इसी के साथ ही मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपके सम्बन्धित क्षेत्रों में जो गोवंश आश्रय स्थल हैं, उस पर गोबर/खाद की मात्रा कितनी है, इसी सूची बनाकर उपलब्ध करायें।
इसी के साथ ही मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वृहद गो संरक्षण केन्द्रों की स्थापना के लिए अपने-अपने संबंधित क्षेत्रों में 4 एकड़ जमीन का चिन्हांकन कर सूची उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
इसी के साथ ही मुख्य विकास अधिकारी ने निर्माणाधीन वृहद गो संरक्षण केन्द्र मियापुर, बांसदेवा विकास खण्ड पल्हना एवं 02 कान्हा गोशाला का निर्माण 31 मार्च 2021 तक पूर्ण कराने के लिए निर्देश दिये।
मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि मा0 मुख्यमंत्री बेसहारा/निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के अन्तर्गत इच्छुक कृषकों/पशुपालकों को विकास खण्डवार 1-1 गोवंश उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। अभी भी फूलपुर, रानी की सराय, सठियांव, हरैया, मार्टीनगंज आदि विकास खण्डों से एक भी गोवंश इच्छुक कृषकों/पशुपालकों को उपलब्ध नही कराया गया है, जल्द से जल्द विकास खण्डवार इच्छुक कृषकों/पशुपालकों को गोवंश उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ0 वीके सिंह ने बताया कि बर्ड फ्लू का प्रकोप उत्तर प्रदेश में आ चुका है और यह पक्षियों से मनुष्यों में भी संक्रमण हो सकता है, इसके लिए खाने-पीने में स्वच्छता रखें, मांसाहार का प्रयोग न करें, यदि करते हैं तो 70 डिग्री तापमान से ऊपर उबाल कर सेवन कर सकते हैं। इसी के साथ ही उन्होने यह भी कहा कि जहाॅ भी पक्षियों के अधिक संख्या में मरने की सूचना प्राप्त हो तो उसे तत्काल मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में सूचित करें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेन्द्र सिंह, एसपी ट्रैफिक सुधीर जायसवाल, समस्त एसडीएम, पीडी अभिमन्यु सिंह, डीडीओ रवि शंकर राय, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौर्य, समस्त खण्ड विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

