आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आज़मगढ़: सगड़ी तहसील के श्री गांधी पीजी कॉलेज मालटारी के राष्ट्रीय सेवा योजना का विशेष शिविर प्राइमरी पाठशाला राजू पट्टी पर आयोजित है यह शिविर 15/02/2021 से 21/02/ 2021 तक लगना है।
शिविर स्थल पर पतझड़ के कारण जो पत्तियाँ गिरी थी उसे स्वयंसेवक/सेविकाओं ने झाड़ू से सफाई कर श्रमदान किया।
सावित्रीबाई फुले की छात्राओं ने भ्रूण हत्या पर रंगोली बनाई, जिसका समाज को संदेश था कि, जब लड़कियां नहीं होगी तो बहू कहां से लाओगे। अतः भ्रूण हत्या के रूप में बच्चों को ना मारे।
दूसरी रंगोली इंडियन आर्मी ग्रुप के छात्रों ने बनाई इनका विषय वीर जवान था, यह रंगोली सुदीप यादव, दरोगा मौर्य, आशीष यादव, संगम शर्मा, किशन गोण, अजय गुप्ता, शिवम प्रजापति, राजू, पंकज, आदि रहे।
आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना के पूर्व समन्वयक व श्री गांधी पीजी कॉलेज आजमगढ़ के हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ हसीन खान रहे, आपने सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का प्रारंभ किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम सत्येंद्र राय, अंकित प्रजापति के साथ ही साधना, मोनिका, लक्ष्मी आदि ने प्रस्तुत किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना डॉ नितेश जायसवाल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना छात्र को समाज के प्रति सहृदय व संवेदनशील बनाता है, जिसके परिणाम स्वरूप छात्र-छात्राएं सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दे में अपना योगदान देते हैं।
दूसरे प्रभारी डॉ शैलेश पाठक ने कहा कि" पथ में गुनने बैठोगे तो जीवन दूभर हो जाएगा "आप ने आगे कहा कि सभी स्वयंसेवक/स्वयसेविकाएं निष्ठा से अपना कार्य करें, रंगोली बनाना, बैनर, पोस्टर आदि प्रतियोगिता को प्रतियोगी बनाकर काम करें, पीछे न देखें।
आज के कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हसीन खान ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का सिद्धांत है Not me but you यह सिद्धांत बताता है कि आप अपने घर से बाहर निकले व समाज से जुड़े। राष्ट्रीय सेवा योजना समाज के दुख को समझने, उनकी मदद करने का तरीका सिखाता है। आपने बहुत सारे उदाहरण देकर पिता-पुत्र, माता-पुत्री, समाज के बुजुर्ग महिला-पुरुष के दुख में सहभाग करना आदि बातें बताया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक/सेविकाओं को नाश्ता का वितरण हुआ, हाजिरी लिया गया दिनांक 18/02/2021 को रंगोली बनाने, नाटक व अन्या कर्यो का वितरण कर उनको अपने घर जाने की अनुमती दी गई।