आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
गांव में पुलिस फोर्स तैनात,गांव में पसरा सन्नाटा।
महिलाये बच्चे ही गांव में मौजूद।
आजमगढ़: जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र में छपरा सुलतानपुर गांव में रविवार को देर शाम तक पीड़ित पक्ष की तरफ से मुकदमा नहीं लिखा गया ।जबकि धर्मपाल गोंड पुत्र शंकर गोंड निवासी छपरा सुलतानपुर की मौत 6 अप्रैल को भोपाल राज्य में रेलवे स्टेशन के कुछ दूरी पर एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई थी। जिसको लेकर पीड़ित पक्ष कई बार पुलिस से गुहार लगाया पर पुलिस ने मुकदमा नहीं दर्ज किया ।जिस पर ग्रामीण जाम लगा दिए थे और पुलिस ने एंबुलेंस से आए शव को वापस लौटा दिया था। जिसे लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच जमकर गुरिल्ला युद्ध हुआ एवं इट पत्थर चलने के बाद पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठीचार्ज किया था।जिसमे एक दर्जन से ऊपर पुलिस वाले चोटिल हुए थे। वह देर शाम गांव में पहुंचकर एक आरोपी के घर पुलिस ने जमकर तोड़फोड़ की उसके बावजूद भी अब तक पीड़ित पक्ष का मुकदमा पुलिस द्वारा नहीं लिखा गया।
वही कोतवाल हेमेंद्र सिंह की तहरीर पर 37 नामजद 150 लोग अज्ञात के ऊपर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिसमें पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है एवं उन्हें जेल भेज दिया है। गांव में एहतियातन के तौर पर पुलिस फोर्स तैनात की गई है ।जबकि गांव में पूरी तरह से पुलिस के भय और आतंक से सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में पुरुष गांव छोड़कर जहां फरार हो चुके हैं वहीं गांव में सिर्फ महिला और बच्चे ही मौजूद है ।