आज़मगढ़।
रिपोर्ट: बृजेश गोंड
जहां अजमतगढ़ ईदगाह खचाखच भरी रहती थी आज वहां पर कुछ गिने-चुने लोग ही मौजूद रहे ।
आज़मगढ़: कोरोना महामारी के प्रकोप ने हमारी सामाजिक और धार्मिक दिनचर्या को बदल कर रख दिया है। खुशियों का पर्व ईद उल फितर सादगी से मनाया गया। यह पहला मौका है जब ईदगाह में सामूहिक नमाज नहीं हो रही है। इस बार कोरोना महामारी के चलते लाॅकडाउन के कारण धार्मिक कार्यक्रमों व भीड़ भाड़ वाले आयोजनों पर पाबंदी है। लोग घरों में ही ईद की नमाज अदा कर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर किये।
इस वक्त कोरोना वायरस जैसी महामारी के जारी कहर और लॉकडाउन के चलते कई तरह की लगी बंदिशें के बीच आज ईद मना रहा है। लोगों ने घरों में नमाज अदा कर अमन की दुआ मांगी। कोरोना वायरस ने इस बार मुसलमानों के इस सबसे बड़े त्यौहार की रौनक खत्म कर दी। गिने चुने लोग ईदगाह गए बाद लोग ना ही एक दूसरे के गले मिल सके। ना ही इस बार दावतों के दौर होने हैं। और न ही सेवई के सामूहिक जायके का आनंद मिलना है। इतना ही नहीं, लॉकडाउन के कारण बाजारों में भी कई तरह की बंदिशें लगी हुई हैं।
