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युवाओं ने लॉकडाउन मे निशब्द व आस्था के प्रतीक बंदरों को कराया भोजन, पिछले कई दिनों से कर रहे बंदरों की सेवा।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आज़मगढ़: - जहाँ वैश्विक महामारी से सरकार व समाज के माथे पर बल पड़ गया है,  जिसके चलते पिछले कई दिनों से लॉक डाउन की स्थिति बनी हुई है |जिसके कारण पूजा स्थलों पर भी सन्नाटा पसरा  है,  जिसकी वजह से प्रसाद पर निर्भर रहने वाली निशब्द व हिंदू धर्म में आस्था के प्रतीक बंदरों की हालत दयनीय हो गई है|
महाराजगंज मे स्थित पुरातन भैरव बाबा मंदिर प्रांगण में बहुतायत बंदरों की संख्या देखने को मिलती है| परंतु लॉकडाउन के चलते खाने के अभाव में उनका पलायन देखने को मिल रहा है |
बंदरों के पलायन और उनकी दशा को सुधारने के लिए विवेक सिंह मित्र मंडली के नाम से कुछ युवाओं ने पिछले कई दिनों से भोजन की व्यवस्था में लगे हुए है |इस मित्र मंडली के सदस्य अपने पॉकेट खर्च से थोड़ा-थोड़ा पैसे निकालकर बंदरों को भोजन करा रहे हैं| मित्र मंडली के सदस्य विवेक सिंह ने बताया कि मैं और मेरे साथी निशब्द जानवरों और गरीबों की सेवा के लिए निरंतर प्रयास करते रहते हैं | हमारा कोई संगठन नहीं है | हम एक विचार और सहयोग की भावना से अपने खर्चे से कुछ पैसे निकाल कर सेवा भाव से कार्य कर रहे हैं और भविष्य में भी अपनी क्षमता के अनुसार निस्वार्थ भाव से सेवा करने का लक्ष्य रखा है| इस अभियान में विवेक सिंह मित्र मंडली के शेरा सिंह,  सच्चिदानंद सिंह,  रिशु मिश्र,  आजाद यादव, बृजेश मौर्य,  भीम मौर्य,  जितेश मौर्य,  अजीत सिंह आदि सहयोगी साथी मौजूद रहे।

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