आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
घर में रखें एक एक समान पर चला हथौड़ा।
पुलिस की कार्रवाई से भयभीत सैकड़ों लोग घर छोड़कर फरार।
आधा दर्जन मकानों में जबरदस्त तोड़-फोड़।
महिलाओं ने लगाया पुलिस पर लूटपाट का आरोप।
आजमगढ़: रौनापार थाना क्षेत्र मंगरी बाजार में मंगलवार को मऊ कुतुबपुर के डॉ आनंद विश्वास और पलिया गांव के कुछ लोगों के बीच लड़की से बात करने के विवाद को लेकर मारपीट हो गई थी। मारपीट की सूचना मिलने पर रौनापार थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। विवाद सुलझाने में लगी पुलिस ने पलिया गांव के प्रधान पति मुन्ना पासवान को दो-तीन थप्पड़ जड़ दिया। यह देख गांव के लोगों ने सिपाहियों पर हमला बोल दिया और जमकर मारा पीटा।जिससे दो सिपाही विवेक त्रिपाठी और मुखराम यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। सिपाहियों पर हमले की खबर की जानकारी होने पर थानाध्यक्ष रौनापार पूरी फोर्स के साथ गांव में पहुंचे और घायल सिपाहियों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इसके बाद शुरू हुई आरोपियों की धरपकड़।पुलिस की धरपकड़ से बचने के लिए गांव के पुरुष रात में ही घर छोड़कर फरार हो गए। रात में लगभग 9:00 बजे सगड़ी क्षेत्र के कई थानों की पुलिस और कुछ उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। फिर क्या जेसीबी मंगवाई गई और मुन्ना पासवान, स्वतंत्र पासवान, राजपति और बृजभान पासवान सहित आधा दर्जन लोगों के घरों पर जेसीबी से जबरदस्त तोड़फोड़ की गई।घरों में लगी खिड़की, दरवाजे और दीवाल पुलिस ने ढहवा दिया।मकान में रखा एक-एक सामान तोड़ दिया गया। प्रधान के घर के सामने खड़ी ट्रैक्टर को भी जेसीबी लगाकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से भयभीत गांव के सैकड़ों लोग घर छोड़कर फरार हो गए हैं।गांव की महिलाओं ने पुलिस पर लूटपाट और अभद्रता करने का आरोप लगाया है। गांव की प्रधान मंजू पासवान, पूनम, संध्या और सुनीता ने बताया कि हम लोगों को कोई जानकारी नहीं थी। रात में पुलिस आई और बुलडोजर लगाकर हमारे घर को गिराने लगी। घर में रखे जेवर भी पुलिस ने लूट लिया। विरोध करने पर मारा-पीटा और गालियां दी। पुलिस की कार्रवाई से पूरे गांव में दहशत फैल गई है। कई घरों में ताले लटक गए है।



