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बाढ़ पीड़ित संघर्ष समिति का मनाया गया 9वां स्थापना दिवस।


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आज़मगढ़: बाढ़ पीड़ित संघर्ष समिति का 9वां स्थापना दिवस सगड़ी तहसील क्षेत्र के मानिकपुर स्थित डॉ अब्दुल कलाम पुस्तकालय पर मनाया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि श्यामाप्रसाद कामरेड ने बाढ़ से हो रही परेशानियों पर चर्चा की उन्होंने कहा की बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए कोई गम्भीर नहीं है इसलिए हम अपनी लड़ाई खुद लड़ रहे हैं और आने वाले समय में हम यह जंग जरूर जीतेंगे। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को लेकर कहा कि हर साल की समस्या से बाढ़ पीड़ित जूझते रहते हैं लेकिन कोई भी नेता या अधिकारी उनकी समस्याओं को सुनने नहीं आता बंधे के ऊपर से ही लोग वापस चले जाते हैं जबकि मुश्किलें बंधे के उत्तर ज्यादा है हम लोग बाढ़ पीड़ितों के हित की लड़ाई सदैव लड़ते रहेंगे जब तक कि हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती।
वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे भारत परिषद संगठन के प्रदेश महासचिव बेचू यादव ने बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को लेकर कहा कि वर्षों से बाढ़ का दंश झेल रहे यहां के लोग अपनी बेबसी किसी से कह नहीं पाते। मैं जब भी इनके बीच आता हूं तो लोग अपनी समस्याएं जरूर सुनाते हैं। अफसोस तो तब होता है जब इनकी मदद कोई भी नेता या प्रशासनिक अधिकारी नहीं करता है। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज यदि गांव सरकार लागू हो जाता तो इस समस्या से निजात मिल जाती। बाढ़ पीड़ितों के बीच उन्होंने गांव सरकार की चर्चा करते हुए बताया कि यदि आप लोग जागरूक हो जाएं और अपने नेता से इस आने वाले विधानसभा चुनाव में इस बात का संकल्प लें कि आप हमारी गांव सरकार की मांग विधानसभा में उठाएंगे तभी हम वोट करेंगे निश्चित रूप से बदलाव आएगा। जिस दिन गांव सरकार लागू हो गया हर गांव में नौकरी, विकास अपने आप होगा। जबतक हम किसी पार्टी के बंधुवा मजदूर बनकर वोट देते रहेंगे तबतक ऐसे ही निरंकुश जनप्रतिधि पैदा होते रहेंगें।
बाढ़ पीड़ितों के सवाल पर उन्होंने कहा कि गांव सरकार लागू होने के बाद गांव के लोग खुद बाढ़ का हल निकाल लेंगे। क्योंकि गांव सरकार में 29 विभागों का मालिक गांव की जनता रहेगी और वही निर्णय लेगी कि हमें विकास के आए हुए धन को किस तरह से खर्च करना है। ना ही किसी अधिकारी का चक्कर लगाना होगा और ना ही किसी काम को करने के लिए इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि बाढ़ का स्थाई हल निकाला जाना अति आवश्यक है। 
वही कार्यक्रम में पहुंची कांग्रेस नेत्री राना खातून ने कहा कि बाढ़ से हो रही परेशानियों को मैं अच्छी तरह से समझ सकती हूं और आज यह प्रतिज्ञा लेती हूं, कि यदि मेरे हाथों को जनता ने मजबूत किया तो निश्चित रूप से इसका हल निकाला जाएगा।
इस दौरान बाढ़ पीड़ित संघर्ष समिति ने मांग उठाई की गढ़वल से दोहरीघाट तक कंक्रीट का बांध बनवाया जाए। घाघरा नदी की प्रतिवर्ष सफाई और खुदाई कराई जाए। बंधा घाघरा नदी के दक्षिणी किनारे पर निर्माण किया जाए। जब तक बंधा नहीं बनता तब तक बाढ़ पीड़ितों को सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राधेश्याम तिवारी व संचालन राजीव मिश्रा और नर्वदेश्वर मिश्रा ने किया।
इस दौरान मौके पर दुइज यादव, गंगा यादव, जगदीश यादव, बांकेलाल, जगरूप, अक्षय वर्मा, जैतून निशा, राम हंस यादव आदि लोग मौजूद रहे।

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