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घोड़ों की बिक्री में कमी घोड़ों के बाजार पर कोरोना की मार अब तक हावी।


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: गौरव सिंह राठौर

कोरोना के बाद पूरा बाजार मंदी का शिकार।

एक से एक बेहतर नस्ल के घोड़े मौजूद

कुछ महीनों पहले आकाशीय बिजली से कुछ घोड़ों की हो गई मृत्यु।

आज़मगढ़: सगड़ी तहसील क्षेत्र स्थिति बैल बाजार आजमगढ़ मुबारकपुर  तिराहे के पास बरसों से लगता पशु बाजार जो कोरोना के बाद मंदी का शिकार हो चुका है।
आपको बताते चलें कि आज भी यहां सैकड़ों की संख्या में भैंस के बच्चों की अच्छी नस्ले बिक रही हैं, वहीं दर्जनों की संख्या में घोडा व्यापारी घोड़ा लिए परेशान हैं। उनका कहना है कि कोरोना के बाद पूरा बाजार मंदी का शिकार हो चला है। एक से एक बेहतर नस्ल के घोड़े मौजूद है, लेकिन ग्राहकों की कमी है। वही उसने अपने दर्द को बताते हुए कहा कि मंदी के शिकार तो हम थे ही कि तब तक प्रकृति की आफत भी आन पड़ी। बीते कुछ महीनों पहले आकाशीय बिजली गिर जाने से कुछ घोड़ों की मृत्यु हो गई, जिससे काफी हानी हुई थी। खैर हमारा क्या है फिर भी चलते हैं। कभी इस बाजार कभी उस बाजार। हमेशा घोड़ों के साथ जीते हैं। घोड़े व्यापार के साथ ही हमारे जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। वही व्यापारी ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि घोड़ों का बीमा ना होने की वजह से काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ता है। जैसे पिछले महीनों में आकाशीय बिजली से घोड़े की मृत्यु हो गई थी यदि बीमा रहा होता तो कुछ आर्थिक मदद हो गई होती।

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