आज़मगढ़।
रिपोर्ट: गौरव सिंह राठौर
आजमगढ़ 27 अप्रैल-- मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला ने बताया कि मा0 मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में प्रस्तावित पालनहार अनुदान योजना जिसके अन्तर्गत गरीबी की रेखा के अन्तर्गत आने वाले ऐसे दिव्यांग दम्पति, जिनकी दिव्यांगता न्यूनतम 50 प्रतिशत या इससे अधिक हो (दम्पत्ति में माता-पिता दोनों की दिव्यांगता) या दम्पत्ति में किसी एक की मृत्यु हो गयी हो और दूसरे की दिव्यांगता न्यूनतम 80 प्रतिशत या अधिक हो, को अधिकतम दो बच्चों के 18 वर्ष की आयु तक पालन-पोषण हेतु अनुदान प्रदान किया जाना प्रस्तावित है, के संचालन/आंकलन हेतु जनपद स्तर पर विकास खण्डों/नगरीय निकायों से प्रारम्भिक सर्वेक्षण कर ऐसे दिव्यांग दम्पत्तियों को संख्या जिनमें पति-पत्नी दोनों की दिव्यांगता न्यूनतम 80 प्रतिशत या उससे अधिक हो, ऐसे दिव्यांग दम्पत्तियों की संख्या जिनमें किसी एक की मृत्यु हो गयी हो और दूसरे की दिव्यांगता न्यूनतम 80 प्रतिशत या उससे अधिक हो। उक्तानुसार दिव्याग दम्पत्तियों में से ऐसे दम्पत्तियों की संख्या जिनके 18 वर्ष या उससे कम आयु के बच्चों की संख्या एक हो। उक्तानुसार दिव्यांग दम्पत्तियों में से ऐसे दम्पत्तियों की संख्या जिनके 18 वर्ष या उससे कम आयु के बच्चों की संख्या दो या दो से अधिक हो, की सूचना चाही गयी है।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायतों को निर्देशित किया है कि अपने से सम्बन्धित विकास खण्डों/नगरीय निकायों/नगर पंचायतों में उक्त विन्दुओं पर अपने क्षेत्रीय कार्मिकों के माध्यम से सर्वेक्षण कराते हुए सूचना निर्धारित प्रारूप-01 पर बिलम्बतम एक सप्ताह के भीतर एकत्रित कराकर कार्यालय दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, विकास भवन, आजमगढ़ को उपलब्ध कराने के साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को भी अवगत कराना सुनिश्चित करें, जिससे निदेशालय दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को प्रेषित किया जा सके। यह मा0 मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है, इसमें विलम्ब कदापि न किया जाय।