आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
मेगा इवेंट में किया गया जागरुक।
• महिलाओं और बच्चों के विकास से ही बेहतर राष्ट्र का निर्माण
आजमगढ़, 13 मई 2022: आजादी के अमृत महोत्सव और मिशन शक्ति 4.0 के तहत महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान, सशक्त और स्वावलंबी बनाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों को सुरक्षा, उद्यमिता के साथ-साथ उन्हें सशक्त और स्वावलंबी बनाना है। यह कहना है प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी/जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शशांक सिंह का।
प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि जनपद में मिशन शक्ति 4.0 अभियान के तहत अब तक 10 शिविरों का आयोजन सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इसी क्रम में महिला कल्याण विभाग ने शुक्रवार को चार ब्लाकों क्रमशः ग्राम पंचायत बिलरियागंज, ब्लाक कोयलसा, जहानागंज एवं ग्राम पंचायत महराजगंज में मेगा इवेंट प्रधान सम्मेलन का आयोजन किया गया। मिशन शक्ति अभियान महिला और बाल विकास समस्याओं का पूर्ण समाधान है।
जिला महिला कल्याण अधिकारी प्रीति उपाध्याय ने बताया कि महिलाओं और बच्चों के विकास से ही बेहतर राष्ट्र का निर्माण होता है। मिशन शक्ति 4.0 के अंतर्गत विषेशरूप से महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुद्दों पर शिविर के माध्यम से जागरूक कर उन्हें सशक्त और स्वावलंबी बनाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत समस्त विभागों का शिविर लगाकर योजनाओं का प्रचार-प्रसार करते हुये उन्हें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना व 181, 112, 102,108, 1090, 1098 सहित समस्त हेल्पलाइन नंबर, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर, महिला शक्ति केंद्र, रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क (सीएचडी) योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी।
महिला कल्याण विभाग की डीसी अन्नू सिंह द्वारा निराश्रित महिला पेंशन योजना के बारे में बताया गया कि पति मृत्यु उपरान्त निराश्रित महिला पेंशन योजनान्तर्गत पात्र निराश्रित महिलाओं को पेंशन उसके बैंक खाते में आनलाइन भुगतान किया जाता है। योजना में प्रति लाभार्थी 1000 रू0 प्रतिमाह पेंशन दी जाती है के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति अभियान “4.0“ के अंतर्गत महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है और पहले से अब महिलाओं में काफी बदलाव आ रहा है।
वन स्टाप सेन्टर की मैनेजर सरिता पाल द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के बारे में बताया गया। उन्होने बताया कि यह योजना निर्धन परिवार के बेटियों के लिए संचालित हैं, इसके अन्तर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक, अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ ही सामान्य वर्ग के निर्धन परिवार भी आवेदन कर सकते हैं। योजना का लाभ विधवा और तलाकशुदा भी उठा सकते हैं। इस योजनान्तर्गत एक जोड़े के विवाह पर कुल 51000 रू0 की धनराशि की व्यवस्था है। योजना का लाभ लेने के लिए फार्म को भरकर ग्राम पंचायत/नगर पंचायत/नगर पालिका अथवा जिला मुख्यालय पर जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय पर जमा कर सकते हैं।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक अन्नू सिंह, बाल संरक्षण इकाई की रिंकी सिंह, एडीओ पंचायत, रंजना मिश्रा, ममता यादव, प्रधान, आशा एवं आंगनबाड़ी उपस्थित थीं।