बलिया।
रिपोर्ट: वीर सिंह
बलिया: गांव सरकार लागू करने के लिए अन्न जल संकल्प अभियान की शुरूआत चन्द्र भूषण पाण्डेय, पूर्व न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नैतिक पार्टी, भारत परिषद व राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन द्वारा जयप्रकाश नगर बलिया से शुरू किया गया ।कार्यक्रम की शुरूआत घंटा व शंख बजा कर किया गया । उसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। तत्पश्चात उपस्थित जन समूह ने अंजुलि में अन्न जल भर कर संकल्प लिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी संविधानिक व्यवस्था गांव सरकार लागू नहीं करते हैं तो उनको 2024 के लोक सभा चुनाव में वोट नहीं देंगे।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे स्वतंत्र पत्रकार ब्रजभूषण दुबे ने कहा कि- गांव सरकार हमारा और आपका अधिकार है इसको लागू कराने के लिए हम सभी को साथ आना होगा। जब तक आप खुद अपने अधिकारों को नहीं समझेंगे तब तक आप सब का शोषण होता रहेगा इसलिए जागरूक हो और अपने अधिकारों को जाने।
गांव सरकार आपका अधिकार या आप सभी को मिलना चाहिए और इसी को लेकर हम लोग अभियान चला रहे हैं।
भारत परिषद प्रदेश महासचिव बेचू यादव ने कहा कि- गांव सरकार का आंदोलन हम लगातार चला रहे हैं लेकिन आप क्रांति का समय आ गया है उन्होंने लोगों को जागरूक होने की बात करते हुए गांव सरकार के आंदोलन में अपनी भागीदारी देने की अपील की।
सभा को सम्बोधित करते हुए पूर्व न्यायाधीश चन्द्र भूषण पाण्डेय ने कहा गांव सरकार के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए गांव सरकार लागू होने के बाद किस तरह से गांव की सरकार काम करेगी और गांव का विकास कैसे होगा इन सब बातों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया सुनिये भारत परिषद संगठन के प्रदेश महासचिव बेचू यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश चन्द्र भूषण पाण्डेय ने कहा कि संविधान ने ग्राम पंचायतों को गांव सरकार की तरह काम करने का अधिकार दिया है। गांव पंचायत को 29 विभाग का कार्य दिया गया है । उसके लिए वित्तीय व्यवस्था भी कर दी गई है। ग्राम पंचायत को नियम •बनाने, संसाधन जुटाने व कर्मचारी रखने जैसे सभी अधिकार है लेकिन राज्य सरकारों ने ग्राम पंचायतों का यह अधिकार ले लिया है और ऐसी व्यवस्था बनाई है कि राज्य सरकार जो निर्देश देगी उसके अनुसार ग्राम पंचायत कार्य करेगी। उप्र मे यह व्यवस्था उप्र पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन की धारा 15 में किया गया। संविधान के अनुच्छेद 11 में दिए गये सभी 29 विभाग ग्राम पंचायत को दे दिए गये। लेकिन यह शर्त लगा दी गई है कि यह अधिकार राज्य सरकार के निदेशों के अधीन प्रयोग किए जायेंगे। इस प्रकार ग्राम पंचायत सरकारी विभाग के रूप में काम करता है और नेताओं व अफसरों का गुलाम बन कर रह गया है । गांव को नेताओं व अफसरों की गुलामी से मुक्त कराने के लिए ही अन्न जल संकल्प अभियान छेड़ा गया है ताकि ग्राम पंचायत गांव सरकार के रुप में गांव की सभी व्यवस्थाएं अपने ढंग से चलाए ।
उन्होंने कहा कि संविधान ने ग्राम पंचायतों को गाँव सरकार की तरह काम करने का अधिकार दिया है गांव पंचायत को 29 विभाग का कार्य दिया गया है। इसके लिए वितीय व्यवस्था भी कर दी। गयी है ग्राम पंचायत को नियम बनाने, संशाधन जुटाने व कर्मचारियों को रखने जैसी सभी अधिकार है। लेकिन राज्य सरकारों ने ग्राम पंचायतों का यह अधिकार ले लिया है और ऐसी ब्यवस्था बनाई है कि राज्य सरकार जो निर्देश देगी उसके अनुसार ग्राम पंचायत कार्य करेगी उतर प्रदेश में यह व्यवस्था उ0प्र0 पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन की धारा 15 में किया गया है। संविधान के अनुच्छेद 11 में दिए गए सभी 29 विभाग ग्राम पंचायत को दे दिए गए हैं लेकिन यह शर्त लगा दी गयी है कि यह अधिकार राज्य सरकार के निदेशों के अधीन प्रयोग किये जाएंगे इस प्रकार ग्राम पंचायत सरकारी विभाग के रूप में काम करता है । और नेताओं और अफसरों का गुलाम बन कर रह गया है।