आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़: तरवा ब्लॉक निवासी नरमा देवी आशा कार्यकर्ती थी जो विगत कई वर्षों से कैंसर पीड़ित थी, जिन्होंने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया. इस संदर्भ में हमे संध्या सिंह जिला अध्यक्ष आशा बहू कल्याण समिति द्वारा जानकारी मिली कि ये समय आशा और आशा संगिनी बहनों के लिए बहुत ही कष्टदायक है।
उन्होंने बताया कि 4 महीनो से आशा और आशा संगिनी बहनों का मानदेय नहीं मिला रहा है जिसकी शिकायत कई बार मुख्य चिकित्सा अधिकारी की गई है। लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं की जा रही हैं। हमारी ज्यादातर आशा व आशा संगिनी बहने गरीब परिवार से हैं जो पूरी लगन से क्षेत्र में जनता की सेवा करती है। घर परिवार की चिंता ना करते हुए जब जैसी आवश्यकता होती है उस अनुसार हम महिलाएं घर से बाहर निकल कर लोगों की सेवा के लिए तत्पर रहती हैं। लेकिन आज जब हमारी एक आशा बहन को कैंसर हुआ तब हमने पूरे प्रशासन से गुहार लगाई की कैंसर पीड़िता तरवा ब्लॉक निवासी नरमा देवी की मदद की जाए। लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कोई बात समझ नहीं आ रही थी। जिसका नतीजा यह हुआ कि आज हमारी बहन हम लोगों के बीच नहीं हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को जन जन तक पहुंचाने में आशा बहुओं की अहम भूमिका रहती है। आशा बहुओं ने कोविड से बचाव एवं रोकथाम के लिए घर-घर जाकर जागरूकता बढ़ाने में अथक प्रयास किया है। जो काफी सराहनीय था। जिसकी प्रशंसा खुद मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री ने भी की। लेकिन आज आशा बहूवें लाचार हो चुकी है।इसके साथ ही संध्या सिंह जिला अध्यक्ष आशा बहू कल्याण समिति ने बताया अभी जनपद में कई ऐसी बहने हैं जो कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की शिकार है। हम प्रशासन से यही चाहेंगे कि उनकी मदद की जाए। और बहनों के मानदेय में वृद्धि की जाए इसके साथ ही समय से उन्हें मानदेय दिया जाए। जिससे उनका मन कार्य में लगा रहे ओर अपने कार्य के प्रति निष्ठा बनी रहे और वह खुशी मन से जनता की सेवा कर सके।