आज़मगढ़।
सरायमीर ।
मुहर्रम की दसवीं तारीख को क्षेत्र के शिया मुसलमानों ने अपने अपने गांव में मातम करके दोपहर 12:30 बजे सरायमीर कस्बा चौक स्थित अज़ा अबु तालिब चौक पर एकत्रित हुए उसके बाद अंजुमन तनजीम हुसैनी के तत्वावधान में आयोजित मजलिस के बाद सबीह जुल्जुवहा, ताबूत, अलम व ताजीया के साथ जुलूस निकाला जो पर्व के रास्ते रौज़ा अली अश्कान होते हुए खरेवां मोड़ से सदर इमाम बाड़ा पहुंचकर समाप्त हुआ जुलूस में शामिल अंजुमन अजए हुसैन निकामुद्दीनपुर, गुन्चेय अब्बासिया कोरौली खुर्द, फौजे हुसैनी वहदपुर, तनजीमे हुसैनी सरायमीर ने जंजीर मातम व नोहा पढ़कर शहीदाने कर्बला को श्रद्धांजलि अर्पित की । जुलूस से पूर्व शिया कमेटी के प्रवक्ता सय्यद मोहम्मद हुसैन ने मजलिस को सम्बोधित करते हुए कहा कि कर्बला के मैदान में लड़ी जाने वाली लड़ाई किसी जाति धर्म, दो पक्ष या सत्ता के लिए नही बल्कि सत्य असत्य मानवता व जुल्म के बीच लड़ी जाने वाली जंग थी। जिसमें सत्य का परचम बुलन्द करते हुए दसवीं मुहर्रम 61 हिजरी को हजरत इमाम हुसैन और उनके समर्थकों ने शहादत कुबूल कर ली जुल्म के समर्थन में हाथ आगे बढ़ाना पसंद नही किया । अन्त में कमेटी के अध्यक्ष सय्यद कायम रज़ा ने लोगों आभार व्यक्त किया । इस क्रम में सुन्नी मुसलमानों ने मदरसा, मस्जिदों एवं अपने अपने घरों में कुरआन खानी करके सत्य की लड़ाई में शहीदों के आत्मा के शांति एवं स्वर्ग में जगह के लिए ईश्वर से प्रार्थना की । वहीं पर कस्बा के मेला समिति के सदस्यों ने जुलूस के रास्ते जगह जगह पीने के लिए पानी की व्यवस्था कर गगंगा-यमुना तहजीब कायम किया ।सुरक्षा के दृष्टि से थानाध्यक्ष राम नरेश यादव ने काफी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे ।
रिपोर्ट- यासीर
ब्यूरो आज़मगढ़।
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