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रिटायमेंट के बाद भी कान्ट्रेक्ट पर हाई सैलरी लेने वाले 5 अधिकारियों को सीएम ने किया बर्खास्त।

उत्तर प्रदेश।

लखनऊ. यूपी के वित्त विभाग में रिटायमेंट के बाद भी कान्ट्रेक्ट पर हाई सैलरी लेने वाले 5 अधिकारियों को सीएम योगी ने बर्खास्त कर दिया। साथ ही, उनका कान्ट्रेक्ट भी समाप्त कर दिया। शुक्रवार को सीएम ऑफिस की ओर से यह आदेश जारी किया गया।
इन अधिकारियों की नियुक्ति सपा सरकार में हुई थी।
-बर्खास्त किए गए अधिकारियों में सीनियर एडवाइज़र शाहीना परवीन, राम आसरे द्विवेदी, विशेष कार्याधिकारी शिव शंकर सिंह, निजी सचिव नरेश कुमार और अपर वर्ग सहायक रमेश कुमार तिवारी शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों की नियुक्ति सपा सरकार में हुई थी और ये सभी तत्कालीन सपा के वरिष्ठ मंत्री के करीबी कहे जाते थे। इन सभी को रिटायरमेंट के बाद भी हाई पैकेज़ के कान्ट्रेक्ट पर रखा गया था।सीएम की जानकारी में आया था कि वित्त विभाग में कुछ अधिकारी और कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद भी सेवा कर रहे हैं। इस बाबत मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रमुख सचिव वित्त से जानकारी तलब की थी। मामले की छानबीन हुई तो पता चला कि सपा सरकार में अधिकारियों की पुनर्नियुक्ति के बाद मुख्यमंत्री का अनुमोदन लिया जाता था। जनवरी 2017 में जब पुनर्नियुक्ति के नवीनीकरण का समय आया तो पुनर्नियुक्ति की व्यवस्था खत्म कराकर नियत मानदेय के आधार पर नियुक्ति का आदेश कर दिया गया। शुक्रवार को आदेश जारी करते हुए सीएम योगी ने यह निर्देश दिया है कि वित्त विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष तौर पर कान्ट्रेक्ट पर रखने के लिए अलग से कोई नीति बनाने की जरूरत नहीं हैं। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी कान्ट्रेक्ट पर तैनात किए गए हैं तो उनकी कान्ट्रेक्ट तत्काल समाप्त किया जाए। सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्रा ने बताया, "वित्त विकास में एक वेतन समिति का गठन किया गया था। जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। इसी वजह से इन सभी लोगों को बाहर कर दिया गया है।

रिपोर्ट- वीर सिंह

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                 समाचार इंडिया लाइव
                       ब्यूरो लखनऊ

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