मऊ।
समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य।
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देश के चौथे स्तम्भ का सम्मान होना चाहिये।
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मऊ। घोसी संसदीय क्षेत्र के बदजुबान सांसद हरिनारायण राजभर और उनके सहयोगियों द्वारा पत्रकार का कैमरा छीनने और हाथापाई व गाली गलौज करने का मुकदमा न दर्ज होने पर पूरे जिले के पत्रकार बुधवार को शहर कोतवाली में जमीन पर बैठ गये। पत्रकारों की मांग है कि सांसद और उनके सहयोगियों के खिलाफ जबतक मुकदमा दर्ज नहीं होगा वह शांति से बैठेंगे।
बता दें कि 27 सितम्बर को दिन में साढ़े 12 बजे सांसद ने एक प्रेस वार्ता बुलाई थी। प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने सांसद से जिले में हो रहे अवैध खनन के संबंध में प्रश्न पूछा तो जवाब में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को गंदी गाली दी।
यह बात कैमरे में वीडियों सहित आडियों रिकार्ड हो गई। बात रिकार्ड होने की भनक लगते ही सांसद ने धमकी देते हुए कहा कि यह खबर चलाया तो ठीक नहीं होगा। सांसद ने वहां मौजूद रामकृष्ण भारद्वाज व अन्य लोगों से ललकारते हुए कहा कि इस पत्रकार का कैमरा छीन लो। यह सुनते ही रामकृष्ण भारद्वाज अन्य ने पत्रकार का कैमरा छीन लिया और सांसद को दे दिया। सभी ने अभद्रता करते हुए मौके पर मौजूद पत्रकारों से हाथापाई की और बाहर निकाल दिया। जिसकी तहरीर 31 सितंबर को शहर कोतवाली में पत्रकारों ने दी थी। लेकिन 24 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है। सुबह जब पत्रकार मुकदमे की कॉपी लेने पहुंचे तो पता चला कि मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। पत्रकार शांतिपूर्ण ढंग से शहर कोतवाली में सांसद के खिलाफ कोतवाली में बैठे रहे।
समाजवादी पार्टी के ज़िलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादों, पूर्व प्रत्याशी अल्ताफ अंसारी और पूर्व पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल ने इस लड़ाई में पत्रकारों के पक्ष हर लड़ाई में साथ देने का वादा किया है।
देश के चौथे स्तम्भ का सम्मान होना चाहिये- अब्बास अंसारी।
मऊ। बहुजन समाज पार्टी के युवा नेता अब्बास अंसारी ने कहा कि बीजेपी अब सूबे में किसी को भी बख्सने वाली नहीं है। देश के चौथे स्तम्भ मीडिया पर जब हमलावर है तो कौन बच सकता है इनके प्रकोप से! अब्बास बोले अब हमारे देश के चौथे स्तम्भ कहे जाने वाले पत्रकारो के ऊपर ही मुकदमे लादकर जेल भेजने की तैयारी हो गयी है। धन्य है सांसद जी आपने तो इमरजेंसी की याद दिला दी। आपके खिलाफ जो भी पत्रकार लिखे उसपर फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल में डाल देंगे। पत्रकारिता लोकतंत्र का अविभाज्य अंग है। प्रतिपाल परिवर्तित होने वाले जीवन और जगत का दर्शन पत्रकारिता द्वारा ही संभंव है। परिस्थितियों के अध्ययन, चिंतन-मनन और आत्माभिव्यक्ति की प्रवृत्ति और दूसरों का कल्याण अर्थात् लोकमंगल की भावना ने ही पत्रकारिता को जन्म दिया। अब्बास बोले, लेखनी के सिपाहियों को आप सम्मान नही कर सकते तो कम से कम फर्जी मुकदमों में फंसाकर उनके कलम को तोड़ने का काम मत करिये। मैं पत्रकारों पर हुए फर्जी मुकदमे को प्रदेश सरकार से वापस लेने की माँग करता हूँ और पत्रकारों के साथ इस संघर्ष में मैं साथ हूँ। कलम और लाठी की आवाज दूर तलक जाती है। इस बेजुबान आवाज की धमक बर्बादी के बाद अहसास कराती है।
रिपोर्ट- विपिन दुबे
ब्यूरो मऊ।
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