आज़मगढ़।
कातिलाना हमले के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को पांच वर्ष की कैद तथा 30 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि एक अन्य आरोपी को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-दो संतोष कुमार तिवारी ने शनिवार को सुनाया।
वादी मुकदमा कामता प्रसाद धरिकार पुत्र रामदेव धरिकार निवासी ग्राम खुटवाचक थाना मेंहनगर की कस्बा में मकान था। जिसका मुकदमा आरोपी अफाक उर्फ लड्डू पुत्र अब्दुल वाहिद निवासी मेंहनगर से चल रहा था। पीड़ित का आरोप है कि 22 मई 1997 कि रात नौ बजे दो लोग उसके घर आये। बरामदे में चारपाई पर वादी की भांजी सुसुम सो रही थी। दोनों हमलावरों में उसे गोली मार दी। वादी कामता ने अफाक उर्फ लड्डू पुत्र अब्दुल वहीद तथा एहसान खान पुत्र जैनुद्दीन निवासी मेंहनगर को इस मुकदमे में नामजद किया। पीड़ित पक्ष की तरफ से अभियोजन अधिकारी महेंद्र गुप्त ने कामता प्रसाद, सुसुम, डॉ.संजीव सक्सेना, विवेचक क्षेत्राधिकारी राहुल राज तथा शशिकांत त्रिपाठी को बतौर गवाह कोर्ट में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत में आरोपी आफाक उर्फ लड्डू को पांच वर्ष की कारावास तथा तीस हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि दूसरे आरोपी एहसान को पर्याप्त साक्ष्य के आभाव में दोषमुक्त कर दिया।
रिपोर्ट- ब्यूरो
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समाचार इंडिया लाइव
ब्यूरो आज़मगढ़