Breaking News

किसान केवल अपने नाम पर जितनी भूमि है और गन्ना उगाते हो वही सर्व मान्य होगा।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़ 30 जुलाई-- जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल ने बताया कि जनपद में चल रहे सर्वेक्षण कार्य 2020-21 का सकुशल कृषकों एवं विभागीय कर्मचारियों के सहयोग से कोविड-19 महामारी के बीच सोशल डिस्टेन्सिंग का अनुपालन करते हुये समाप्त हो गया है। इस वर्ष कृषकों के सर्वे डाटा को गाँव-गाँव जाकर, गन्ना विभाग एवं चीनी मिल के कर्मचारियों के द्वारा प्रदर्शित किया जायेगा तथा उस पर आपत्तियाँ ली जायेगी, कृषकों को सर्वेक्षित आंकड़ों में जो भी त्रुटि पाई जाये, उसकी लिखित शिकायत प्रदर्शन के दौरान सम्बन्धित गन्ना पर्यवेक्षक को उपलब्ध करा दे। 
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि जो कृषक बटाई पर दूसरे के खेत में गन्ने की खेती करते है, उस रकबे को भी अपने नामे चढ़वा लेते है, जो कि नियमानुसार गलत है, ऐसे किसान केवल अपने नाम पर जितनी भूमि है और गन्ना उगाते हो वही सर्व मान्य होगा। बटाईदार कृषक भू-स्वामी के नाम सट्टा बनवाकर उस पर गन्ने की आपूर्ति कर सकते है। उन्होने यह भी निर्देश दिये है कि कृषकों द्वारा शत प्रतिशत घोषणा पत्र भरना अनिवार्य होगा, जिसका घोषणा पत्र भरकर प्राप्त नहीं होगा, उसका सट्टा किसी भी कीमत पर संचालित नही किया जायेगा तथा गन्ना आपूर्ति पर काफी असुविधा होगा। देवारा जदीद एवं देवारा कदीम ग्रामों की जमीन का शतप्रतिशत सत्यापन के निर्देश दिये है, जिन कृषकों के पास जमीन नहीं है और गन्ने की खेती कर रहे है, ऐसे कृषकों का चिन्हीकरण की कार्यवाही की जा रही है। जिनके ग्रामों का राजस्व रिकार्ड नही है तो वे कृषक भू ज्ञापित अधिकारी से कब्जे का प्रमाण पत्र लेकर उपलब्ध करा दे।

और नया पुराने