आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आज़मगढ़। आज हम उस शख्सियत से आपको मिलवाने जा रहे हैं, जिनको आजमगढ़ जिले की आन बान शान कह सकते हैं। क्योंकि हाल ही में उनको बांग्लादेश की एक अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा वर्डआई कान का अवार्ड दिया गया है। इनके उत्कृष्ट अभिनय और इनके शॉर्ट फिल्मों के कांसेप्ट डिजाइनिंग और लेखन के ऊपर जिनका नाम है सत्य प्रकाश सिंह।
सत्यप्रकाश सिंह सगड़ी तहसील के लाटघाट बैरीडाँड़ के रहने वाले हैं। और लगभग 20 वर्षों से अपने अभिनय की यात्रा में काफी उतार-चढ़ाव काफी संघर्ष करते हुए। आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं। आपने लगभग 30 से 35 भोजपुरी फिल्मों में खलनायक का अभिनय किया है। कई हिंदी फिल्मों में आपने अभिनय किया। लगातार शॉर्ट फिल्मों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों को उठाते रहे लिखते रहे, और आज की तारीख में वह एक वर्ड आइकॉन बनकर उभरे हैं। आइए मिलते हैं सत्य प्रकाश सिंह से और सुनते हैं उन्हीं की जुबानी उन्हीं की कहानी।
सवाल- आप अपना पूरा परिचय बताएं और अपने अभिनय की शुरुआत से अब तक के सफर के बारे में बताएं?
जवाब: हमारे सफर की शुरुआत हुई 1997 में आकाशवाणी केंपस गोरखपुर पहली बार वहां पहुंचे थे। उस समय हमारे बहुत ही करीबी मित्र हुआ करते थे बच्चा अंजुम उन्हीं के माध्यम से हम गए थे, वह एक अच्छे सिंगर थे अब इस दुनिया में नहीं है उसके बाद दूरदर्शन गोरखपुर से हमारा आना जाना शुरू हुआ। कई बार वहां पर मैंने परीक्षा दिया, कभी पास नहीं हुआ, लेकिन मौका मिला काम करने का फिर उसके बाद हम दिल्ली चले गए किसी माध्यम से वहां जाकर हमने मंडी हाउस में कदम रखा, NSD के बीच में रहने का मौका मिला।
वहां पर बहुत सारा नाटक हमने देखा समझा जाना कुछ में भागीदारी करने का भी मौका मिला और धीरे-धीरे नाटकों के प्रति रुचि बढ़ी, और हम उस में हिस्सा लेते गए। उसी समय दूरदर्शन पर टेलीफिल्म प्रसारित हुआ करती थी। कई फिल्मों में छोटा-छोटा करैक्टर हमको मिला और उसके बाद हम मुंबई गए और मुंबई जाने के बाद सफर वही टूट सा गया, जब पिताजी का देहांत हो गया। और मुझे घर आना पड़ा।
उसके बाद काफी लंबा समय बीत जाने के बाद 2009 से फिर फिल्मी सफर का सिलसिला शुरू हुआ।
उस दौर में मेरी पहली फिल्म "नथुनिया पर गोली मारे" थी, जिसके निर्देशक अजय श्रीवास्तव थे।
उसी दौरान मेरी मुलाकात प्रेमांशु सिंह से हुई जो कि एक बेहतरीन डायरेक्टर थे, उनके साथ कई फिल्में हमने किया जिसमें छपरा एक्सप्रेस महत्वपूर्ण फिल्म रही। तब से लेकर अब तक यह सिलसिला अनवरत जारी है।
सवाल: वर्ल्ड आईकॉन अंतरराष्ट्रीय संस्था एसेसटू ह्यूमन राइट की तरफ से आपको किस विषय के लिए और किस कार्य के लिए अवार्ड दिया गया है?
जवाब:- यह अवार्ड मुझे हमारी फिल्मों में अभिनय थिएटर में अभिनय और हमार जो शॉर्ट फिल्में है उसके कांसेप्ट डिजाइनिंग और स्क्रीनप्ले के लिए दिया गया है।
सवाल:- संस्था ने आप को किस प्रकार से चयन किया, क्या प्रक्रिया रही?
जवाब:- यह एक वैश्विक संस्था है, जिसकी शाखायें दुनिया के कई देशों में है, भारत में हमें इस संस्था के चयन के संबंध में जो सूचना मिली वह धारा धाम इंटरनेशनल के प्रमुख सौरभ पांडेय द्वारा मिली और उन्हीं के माध्यम से सारी प्रक्रियाओं को पूरा किया गया। संस्था के कुछ मेंबर्स भी साथ में थे। जिन्होंने जो जो डाक्यूमेंट्स एविडेंस मांगे सब मैंने दिया और उन्होंने सामने बैठकर के साक्षात्कार किया। और हमारे यूट्यूब पर जितने काम है, सिनेमा है सब को देखा तब जाकर चयन हुआ।
सवाल: आप शॉर्ट फिल्मों पर काम करते हैं जो कि काफी समसामयिक होती हैं इसके पीछे का उद्देश्य क्या है?
जवाब: इसके पीछे का बहुत सरल सा उद्देश्य है, कि जो नए आर्टिस्ट है उनको एक सही प्लेटफॉर्म मिले, और जो समाज में हमारे आसपास जो व्याप्त बुराइयां हैं जो घटित घटनाएं हैं उसको एक सही माध्यम हमारे चैनल नटराज एस फिल्म्स जो शार्ट फिल्मों का अपना काम है। जिस पर हम कॉन्सेप्ट डिजाइन करते हैं, उसका सीधा उद्देश्य है कि हम उन बच्चों को तराश सके और आसपास के जो समस्याएं हमारी हैं उनको हम उठा सके। राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसका कोई कमर्शियल वे नहीं है और एक सामाजिक उद्देश्य के लिए हम यह काम करते हैं।
सवाल: आप भोजपुरी कि 35 से 40 फिल्में कर चुके हैं कुछ हिंदी फिल्मों में भी काम किया है क्या भारत में आपको आज तक किसी अवार्ड के लिए नामित किया गया है।
जवाब: भारत में हमें ना ही कोई भी सिनेमा से संबंधित अवार्ड दिया गया और नाही अभिनय से संबंधित अवार्ड नहीं दिया गया, जिसकी हमें अपेक्षा बिल्कुल थी। लेकिन जो होता है अच्छे के लिए होता है। राष्ट्रीय अवार्ड तो नहीं मिला, लेकिन हमारे काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली यह बहुत अच्छा लगा।
सवाल: अभी-अभी हाल ही में आपकी एक वेब सीरीज आई है, एनसीआर जोकि काफी चर्चा में है, और आपका किरदार भी काफी सराहनीय है?
जवाब: इस वेब सीरीज में हमने दद्दा का कैरेक्टर किया है। जिसमें हमने बहुत ही शानदार अभिनय करने की कोशिश किया है। हमने काफी अनुभवी आर्टिस्टो के बीच में अपने को एक अच्छे अभिनेता के रूप में रखने की पूरी कोशिश की है। मैं चाहूंगा कि- आप सभी लोग एमएक्स प्लेयर पर जाकर एनसीआर को देखें और हमारे अभिनय को मैंने कैसा किया है उस पर जरूर टिप्पणी करें जरूर अपने सुझाव दें।
सवाल- आप यहां के लिए वर्ल्डआई कान हो चुके हैं, ऐसे में नए उभरते हुए कलाकारों को क्या कहना चाहेंगे?
जवाब- मेरा बस इतना ही कहना है कि- आप अगर संघर्ष कर रहे हैं सिनेमा में आने के लिए चाहे अपने अभिनय की प्रतिभा को दुनिया में फैलाने के लिए तो आपके अंदर सिनेमा की बारीकियों को अभिनय की बारीकियों को जानना बहुत जरूरी है। और सही लोगों के साथ काम करने की जरूरत होगी। बिल्कुल धैर्य के साथ आपको अपने को साबित करने के लिए एक अच्छे प्लेटफार्म एक अच्छे मार्गदर्शक की जरूरत होगी। जिसका चयन बहुत ही सावधानी से करें और बिल्कुल आप आगे बढ़ सकते हैं हिम्मत रखिए हौसला रखिए और सहजता के साथ आगे बढ़ते रहिए। और निरंतर कुछ ना कुछ सिनेमा के बारे में सीखते रहिए जानते रहिए।