आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
किसी भी हाल में नही निकलेगा जुलूस।
घरों में ही रखी जाएंगी ताजिया , इमाम चौक पर रखने की इजाजत नहीं है।
आजमगढ़ : ज़िले के जीयनपुर कोतवाली पर बुधवार को तहसीलदार सगड़ी रामानुज शुक्ला की अध्यक्षता में मुहर्रम त्योहार को देखते हुए ताजियादारो के साथ शांति समिति की बैठक की गई। बैठक के दौरान तहसीलदार ने ताजियादारों से साफ शब्दों में कहा कि हर हालत में गाइडलाइन का पालन सख्ती से कराया जाएगा । यदि किसी ने जुलूस निकालने और ताजिया निकालने की हिमाकत की तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी । जबकि मुस्लिम समुदाय कई मुद्दों पर डटा रहा और कहता रहा कि जब प्रदेश सरकार ने 50 लोगों की परमिशन दी है, तो यहां का प्रशासन हमें परमिशन क्यों नहीं दे रहा है। हम लोगों ने तो पहले ही कहा है कि हम लोग जुलूस नहीं निकालेंगे।
अन्य त्योहारों के भीड़ उठ रही है । पर हमें सिर्फ टारगेट किया जा रहा है। जबकि हम हम पांच लोग मिलकर ताजिया निकाल कर दफन करने की इजाजत मांग रहे हैं ।जिस पर काफी लोग डटे थे ।
और यह कहा कि हम गाइडलाइन का पालन करते हुए हैं सरकार के बनाए नियमों का पालन करेंगे। जहां पर कोतवाल जितेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए समस्त नियमों गाइडलाइनो का पालन प्रत्येक व्यक्ति को कड़ाई से किया जाना है। जो व्यक्ति गाइडलाइन का पालन नहीं करेगा । उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी । किसी भी दशा में सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ इकट्ठा नहीं होगी और ना ही जुलूस निकाले जाएंगे और ना ही ताजिया को कर्बला में दफन किया जाएगा। अपने घरों में ताजिया बनाएं पूजा पाठ करें उससे शासन प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं है । पर जो भी व्यक्ति नियम कानून को तोड़ेगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी । इस दौरान नेहाल मेहंदी, जफर इमाम , आदिल अब्बास, मेहंदी, अहमद, मास्टर जर्रार, छोटक सिद्दीकी, सबीब रज़ा, जावेद कुरैशी, तुफैल अहमद, नूर मोहम्मद, याकूब , आदि लोग मौजूद थे।
अन्य त्योहारों के भीड़ उठ रही है । पर हमें सिर्फ टारगेट किया जा रहा है। जबकि हम हम पांच लोग मिलकर ताजिया निकाल कर दफन करने की इजाजत मांग रहे हैं ।जिस पर काफी लोग डटे थे ।
और यह कहा कि हम गाइडलाइन का पालन करते हुए हैं सरकार के बनाए नियमों का पालन करेंगे। जहां पर कोतवाल जितेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए समस्त नियमों गाइडलाइनो का पालन प्रत्येक व्यक्ति को कड़ाई से किया जाना है। जो व्यक्ति गाइडलाइन का पालन नहीं करेगा । उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी । किसी भी दशा में सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ इकट्ठा नहीं होगी और ना ही जुलूस निकाले जाएंगे और ना ही ताजिया को कर्बला में दफन किया जाएगा। अपने घरों में ताजिया बनाएं पूजा पाठ करें उससे शासन प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं है । पर जो भी व्यक्ति नियम कानून को तोड़ेगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी । इस दौरान नेहाल मेहंदी, जफर इमाम , आदिल अब्बास, मेहंदी, अहमद, मास्टर जर्रार, छोटक सिद्दीकी, सबीब रज़ा, जावेद कुरैशी, तुफैल अहमद, नूर मोहम्मद, याकूब , आदि लोग मौजूद थे।