Breaking News

आजमगढ़ के संजय चौहन , सहायक कमांडेंट को राष्ट्रपति द्वारा वीरता के लिए पुलिस पदक (PMG):

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आज़मगढ़: 75 वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संजय चौहान सहायक कमान्डेंट (पुलिस उपाधीक्षक) केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा वीरता के पुलिस पदक से अलंकृत किये जाने की घोषणा की गई है। संजय चौहान वर्तमान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 
154 बटालियन जो कि झारखंड राज्य के धनबाद जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान हेतु नियुक्त है में पदस्थ हैं।
संजय चौहन ने मार्च 2018 में नक्सली उन्मूलन अभियान में राज्य पुलिस के साथ  अपनी टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए झारखंड के गिरिडीह जनपद के डुमरी थाना क्षेत्र में नक्सलियों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में 15 नक्सलियों को जिनमे से एक नक्सली पर 25 लाख पुरस्कार राशि तथा दो पर 5-5 लाख की पुरस्कार राशि घोषित थी को अदम्य साहस , कुशल नेतृत्व तथा अभूतपूर्व रणकौशल का प्रदर्शन करते हुए आत्म समर्पण करने पर विवश कर दिया। इस अभियान में भारी मात्रा में अत्याधुनिक  हथियार , गोलाबारूद  तथा अन्य सामग्री बरामद की। अभियान के दौरान रण कुशलता का प्रदर्शन करते हुऐ अपने साथी पुलिस जवानों के बहुमूल्य शरीर तथा प्राणों की रक्षा की, जिसके लिये इन्हें भारत सरकार द्वारा  वीरता के लिए पुलिस पदक (पुलिस मेडल फ़ॉर गैलेंट्री) से अलंकृत करने की घोषणा की गई हैं


संजय चौहान मूल रूप से जनपद के तरवां थानांतर्गत कंचनपुर गाँव के निवासी हैं, इनके पिता श्री हरि नाथ चैहान, व्यवसाय से कृषक है तथा माता गृहिणी है। इनकी प्रारंभिक शिक्षा गाँव के विद्यालय से ग्रहण की है तथा उच्च शिक्षा में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से पूर्ण की है। उल्लेखनीय है कि संजय चौहान संघ लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2011 में सहायक कमान्डेंट( पुलिस उपाधीक्षक) पद पर चयनित हुए थे तथा आधारभूत प्रशिक्षण के पश्चात झारखंड राज्य के विभिन्न जिलों में नक्सली उन्मूलन अभियान का नेतृत्व करते हुए राष्ट विरोधी तत्वों को व्यापक क्षति पहुचायी।

वीरता के पुलिस पदक से अलंकृत किये जाने की घोषणा से  उनके  परिवार और गांव कंचनपुर  हर्ष उल्लास और उत्सव जैसा  माहौल है तथा संबंधियों मित्रो एवम परिचितों में गौरव और गरिमा की अनुभूति है।

और नया पुराने