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फर्जी नियुक्ति पत्र देकर सहायक अध्यापक की नौकरी दिलाने के नाम पर 2.30 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

बीएसए कार्यालय का कर्मचारी बनकर युवक से लिए रुपये, फर्जी आईडी व मुहर समेत अन्य सामान बरामद

आजमगढ़। मेहनाजपुर थाना क्षेत्र में सहायक अध्यापक की नौकरी दिलाने के नाम पर 2.30 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने खुद को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय, आजमगढ़ का कर्मचारी बताकर पीड़ित से रुपये लिए और बाद में उसे फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। आरोपी के पास से फर्जी परिचय पत्र, बीएसए कार्यालय की कथित फर्जी मुहर, आधार कार्ड, मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के हिलालपुर निवासी लक्ष्मन विश्वकर्मा ने 30 सितंबर को थाने में तहरीर दी। आरोप है कि बेला कलीचपुर निवासी हरिश्चन्द्र ने स्वयं को बीएसए कार्यालय आजमगढ़ का कर्मचारी बताते हुए फर्जी परिचय पत्र दिखाया और सहायक अध्यापक की नौकरी दिलाने के नाम पर उससे 2.30 लाख रुपये ले लिए। कुछ समय बाद आरोपी ने उसे नियुक्ति पत्र दिया। पीड़ित जब नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइनिंग के लिए पहुंचा तो उसके फर्जी होने की जानकारी हुई। रुपये वापस मांगने पर आरोपी द्वारा कथित रूप से टालमटोल की जाती रही।

तहरीर के आधार पर थाना मेहनाजपुर में मु0अ0सं0 87/2026 के तहत धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3) और 340(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर धारा 341(1) और 317(2) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई।

पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थानाध्यक्ष मेहनाजपुर अखिलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक प्रशान्त पाण्डेय और पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर 30 सितंबर को करीब 2:10 बजे मानिकपुर मोड़ से आरोपी हरिश्चन्द्र उर्फ हरिचरन राम (58) पुत्र रामफेर राम, निवासी बेला कलीचपुर, थाना मेहनाजपुर को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक फर्जी परिचय पत्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आजमगढ़ की कथित फर्जी मुहर, एक आधार कार्ड, एक मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये नकद बरामद करने का दावा किया है।

गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रशान्त पाण्डेय, हेड कांस्टेबल कालिका यादव और कांस्टेबल पुनीत सिंह शामिल रहे।

नोट: मामले में लगाए गए आरोप पुलिस की जांच और विवेचना पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।

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